भारत व दक्षिण कोरिया के राजनयिक संबंध के 50 साल पूरा होने के साथ ही बोधगया में भगवान बुद्ध के मंदिरों की फेहरिस्त में एक और मंदिर 21 मई जुड़ जाएगा। यह मंदिर दक्षिण काेरिया के रॉयल लोटस टेंपल के नाम से जाना जाएगा। मुला संघा के संघ नायक व अध्यक्ष बुद्धापाल ने बताया कि 21 मई को भारत और दक्षिण कोरिया के बीच राजनयिक संबंध के 50 साल पूरा होने की खुशी में ही इस दिन मंदिर का उद्घाटन किया जा रहा हैं। मंदिर के उद्घाटन अवसर पर दक्षिण कोरिया के दिल्ली में प्रतिनियुक्त राजदूत जांगजैबोक सहित 200 कोरयिन श्रद्धालु बोधगया में आ रहे हैं।
बोधगया के मस्तीपुर में स्थित मंदिर के निर्माण के संबंध में बताया गया है कि कोरियन श्रद्धालुओं के दान सहयोग मंदिर बनाया गया है। इस मंदिर के निर्माण में करीब एक करोड़ यूएस डॉलर खर्च हो चुका है। यानी भारतीय करेंसी के अनुसार 77 करोड़ से अधिक की लागत से मंदिर व भगवान बुद्ध की प्रतिमा को तैयार किया गया है।
खास बात यह है कि मंदिर में ज्यादातर लकड़ी का काम किया गया है। मंदिर में स्थापित बुद्ध की मूर्ति ब्रांज की है। वह 300 किलोग्राम की है। भगवान बुद्ध की प्रतिमा ध्यान मुद्रा में है। दो अन्य मूर्तियां भी ब्रांज की है। इनका वजह 100-100 किलो है। मंदिर का निर्माण 2019 में शुरू किया गया था। अब जा कर मंदिर तैयार हो गया है और 21 मई 2022 को इसका विधिवत उद्घाटन किया जा रहा है। मंदिर का निर्माण बोधगया में स्थित मुला संघा व कोरिया में स्थित योगे ऑर्डर ऑफ कोरियन बुद्धिज्म के सहयोग से तैयार किया गया है। मुला संघा के संघनायक व अध्यक्ष बुद्धापाल ने बताया कि 20 मई को मंदिर परिसर में महाबोधि मंदिर तक शोभायात्रा निकाली जाएगी और 21 मई की सुबह मंदिर का उद्घाटन किया जाएगा। इसमें इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्फेडरेशनप के सचिव वेन धम्माप्रिय सहित कोरिया के 200 श्रद्धालु भी शामिल होंगे। उद्घाटन की तैयारी पूरी कर ली गई है।







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