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गया में दो वर्ष बाद मनाई जा रही बुद्ध जयंती, भगवान बुद्ध की 2566 त्रिविध पावन जयंती आज

भगवान बुद्ध की 2566 त्रिविध पावन जयंती (जन्म, संबोधि प्राप्ति और महा परिनिर्वाण दिवस) उनकी ज्ञान स्थली महाबोधि मंदिर परिसर में आज मनाई जाएगी। जयंती तैयारी पूरी कर ली गई है। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल फागू चौहान दस बजे आएंगे। वहीं जयंती समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में थाईलैंड के कोलकाता स्थित दूतावास में प्रतिनियुक्त काउंसिल जेनरल अचारापन यावारापास भी शिरकत करेंगी। कोरोना की वजह से यह जयंती दो वर्ष बाद मनाई जा रही है।

जयंती का शुभारंभ सुबह 6:30 बजे बोधगया स्थित 80 फीट बुद्ध की मूर्ति के पास से महाबोधि मंदिर तक बौद्ध भिक्षुओं व श्रद्धालुओं एक शोभायात्रा के साथ की जाएगी। सभी महाबोधि मंदिर में पवित्र बोधिवृक्ष के नीचे एकत्रित होरक पंचशील का पाठ करते हुए भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद दस बजे जंयती समारोह का उद्घाटन राज्यपाल फागू चौहान दीप प्रज्जवलित कर करेंगे। इसके बाद थेरोवाद व महायान पंथ के बौद्ध भिक्षुओं व लामाओं द्वारा सूत्तपाठ किया जाएगा।

इंटरनेशन बुद्धिस्ट काउंसिल बोधगया के जेनरल सेक्रेटरी भिक्खु प्रज्ञादीप का संबोधन होगा। और फिर बीटीएमसी के सचिव एन दोरजे धन्यवाद ज्ञापन करेंगे। कार्यक्रम के समापन के बाद बिरला धर्मशाला में बौद्ध भिक्षुओं को संघदान यानी भोजन कराया जाएगा।

इंटनेशनल बुद्धिस्ट काउंसिल बोधगया के जेनरल सेक्रेटरी भिक्खु प्रज्ञादीप ने बताया कि महात्मा बुद्ध की त्रिविध पावन जयंती समारोह का देश-विदेश में व्यापक असर पड़ा है। महात्मा बुद्ध के संदेश का न केवल विदेशों में बल्कि भारत में भी खासा असर हुआ है।

लोगों में बुद्ध के प्रति जागरूकता बढ़ी है। बुद्ध जंयती के मौके पर ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बुद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के साथ ही बोधगया आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी इजाफा होने लगा है। महाराष्ट व यूपी से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बोधगया पहुंचने लगे हैं।

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