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बिहार म्यूजियम में 3 कलाकारों ने लगाया रेट्रोस्पेक्टिव एग्जीबिशन, पहली बार यहां इतना बड़ा आयोजन

बिहार म्यूजियम में तीन कलाकारों की कला प्रदर्शनी लगाई गई। आनंदी प्रसाद बादल, नरेन्द्र पाल सिंह और सचिन्द्र नाथ झा की प्रदर्शनी का उद्घाटन बिहार म्यूजियम के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह, प्रो. पूर्णिमा शेखर और कला संस्कृति एवं युवा विभाग की सचिव वंदन प्रेयसी ने किया। इन्होंने तीनों कलाकारों की कलाकृतियों पर केन्द्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। इसे बिहार म्यूजियम ने ही प्रकाशित कराया है। यह बिहार म्यूजियम में एक साथ तीन बिहारी कलाकारों की प्रदर्शनी का पहला मौका रहा।

इस अवसर पर अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि ‘ कला का पॉजिटिव वातावरण समाज से निगेटिविटी को दूर रखता है। हम चाहते हैं कि बिहार म्यूजियम को सिर्फ एक म्यूजियम नहीं बल्कि कला का केन्द्र बनाया जाए।’ रेट्रोस्पेक्टिव एग्जीबिशन 12 मई से शुरू हुआ और एक जून तक चलेगा। इस अवसर पर श्रीकांत, श्याम शर्मा, अवधेश अमन, सुमन कुमार सिंह, त्रिभुवन, अशोक कुमार सिन्हा, मनोज कुमार बच्चन, अमृत प्रकाश साह, सत्या सार्थ, मनीष मंजुल आदि के अलावा बड़ा संख्या में कला की समझदारी रखने वाले लोग उपस्थित हुए।

94 साल के आनंदी प्रसाद बादल का उल्लास अभी भी खूब

आनंदी प्रसाद बादल की उम्र 94 साल है। लेकिन पेंटिंग के प्रति उनके अंदर का उल्लास कैनवास पर अभी भी खूब दिखता है। बादल की गितनी बिहार के बड़े कलाकारों में होती है। उन्होंने अपने जीवन की 68 वर्ष की कला- यात्रा को सामने रखा है।

गांव की जीवंतता और जोकर का उल्लास दिख रहा

नरेन्द्र पाल सिंह की पेंटिंग में जोकर से लेकर गांव तक की तस्वीर दिखती है। 32 वर्षों की कला यात्रा को इन्होंने बिहार म्यूजियम में लोगों के सामने रखा है। गांव में शादी के अवसर पर दहेज में दी जानेवाली साइकिल और बेटी के लिए बक्सा को इंस्टॉलेशन में नरेन्द्र पाल सिंह ने खूब दिखाया।

सचीन्द्र नाथ झा का परफॉर्म आर्ट लोगों ने खूब पसंद किया

एग्जीविशन में आर्टिस्ट सचिन्द्र नाथ झा द्वारा परफॉर्म आर्ट को लोगों ने खूब पसंद किया। सचिन्द्र ने यह मैसेज दिया कि नदियों में पूजा की सामाग्री को फेंक कर बर्बाद करते हैं। नदी के जीव-जंतुओं को इससे काफी तकलीफ होती है। उन्होंने नदी को साफ रखने की नसीहत दी।

सचिन्द्र की खासियत है कि उन्होंने गंगा तट पर कई पेटिंग और स्कल्पचर बनाया है। बिहार म्यूजियम में नंदी, पंख वाले हाथी आदि की खूबसूरती देखते बन रही है। सचिन्द्र के नाव इस्टॉलेशन पर कागज के नन्हें-नन्हें नाव पर मनौती लिख कर लोगों ने लटकाए।

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