खगड़िया में कोसी नदी किनारे इन दिनों हो रहे कटाव से नदी किनारे बसे गांव के लोग भयभीत हैं। बेलदौर प्रखंड का कई गांव कोसी और बागमती नदी के किनारे बसा है। ऐसे में वहां प्रत्येक वर्ष कटाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है और प्रत्येक वर्ष सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन को नदी की तेज धारा लील लेती है। बीते 15 दिनों में बेलदौर प्रखंड के ठाकुर बासा गांव के समीप करीब 50 मीटर से अधिक भाग कटाव की भेंट चढ़ चुकी है।
जबकि बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-2 के द्वारा अभियंताओं की मौजूदगी में लाखों रुपए खर्च कर कटाव निरोधी कार्य कराया गया है। ऐसे में बाढ़ पूर्व हो रहे कटाव से एक बार फिर से कई गांव की हजारों की आबादी कटाव की समस्या झेलने और अपनी कीमती उपजाऊ जमीन नदी में विलीन होने की आशंकाओं के बीच चिंतित हैं। हालांकि अब विभाग वहां सोल कटिंग और स्लोप कार्य कराने को लेकर प्राक्कलन तैयार कर इसके लिए अनुमति मांगी है। ताकि बाढ़ पूर्व तैयारी कार्यक्रम के तहत कटाव को रोक समीप के तटबंधों को सुरक्षित किया जा सके।

पिछले वर्ष 20 से अधिक परिवार कटाव से हुए थे विस्थापित
बताते चलें कि पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान कोसी नदी किनारे हुए तेज कटाव से ठाकुर बासा गांव के अलावा अन्य गांव के 20 से अधिक परिवारों का घर नदी में विलीन हो गया था। जिससे वे विस्थापित हो गए। इससे पहले बीते तीन दशक से अबतक तीन सौ एकड़ से अधिक उपजाऊ जमीन के कटाव की भेंट चढ़ जाने के कारण सैकड़ों रैयत किसान विस्थापित होकर अब भुमिहीन हो चुके हैं।


विभाग कह रहा फिलहाल आंशिक क्षति की बात
बेलदौर के ठाकुर बासा गांव के समीप हुए कटाव को लेकर विभागीय अभियंता मणिकांत पटेल का कहना है कि फिलहाल जहां कटाव निरोधी कार्य कराया गया, वहां आंशिक क्षति हुई है। वरीय अधिकारी को इसकी जानकारी प्रेषित की गई है। यहां और भी कार्य किया जाना है, जिसके लिए अनुमति मांगी गई है।




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