दीघा-सोनपुर के बीच गंगा नदी पर बने जेपी सेतु के समानांतर नए छह लेन पुल के निर्माण को लेकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) ने एलायनमेंट तैयार कर उसे मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा है। उच्च स्तर पर इस विषय को लेकर प्रेजेंटेशन के बाद एलायनमेंट को स्वीकृत किया जाएगा। एलायनमेंट स्वीकृत होने के बाद इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ होगी।
पुल निर्माण निगम के बाद एमओरटीएच ने बनाया है डीपीआर
पूर्व में जेपी सेतु के समानांतर बनने वाले पुल को चार लेन में बनाया जाना था। राज्य सरकार ने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को इसके डीपीआर का जिम्मा दिया था पर बाद में यह पटना से बेतिया के बीच बनने वाले एनएच का हिस्सा हो गया। इसलिए इसके डीपीआर को एमओआरटीएच ने तैयार किया। इस पुल के रास्ते पटना को सोनपुर, वैशाली, केसरिया, रामपुर, खजुरिया और अरेराज होते हुए वाल्मीकिनगर तक की संपर्कता मिलेगी।
- – केंद्र ने जेपी सेतु के समानांतर पुल का एलायनमेंट मंजूरी के लिए भेजा
- – राज्य सरकार द्वारा एलायनमेंट की मंजूरी के बाद जमीन अधिग्रहण का काम बढ़ेगा
- – पुल के दोनों छोर पर एप्रोच रोड के लिए होना है जमीन अधिग्रहण
वर्तमान पुल के बायें हिस्से से शुरू होगी सड़क
एमओआरटीएच ने जेपी सेतु के समानांतर बनने वाले इस छह लेन पुल का जो एलायनमेंट तय किया है उसके अनुसार पटना के दीघा छोड़ के बायें हिस्से यह पुल शुरू होगा। वर्तमान में जो पुल उसके करीब से ही यह बनेगा। दक्षिणी हिस्से में पुल वर्तमान पुल के थोड़ा आगे बढ़कर खत्म होगा।
पटना और सारण जिले में जमीन अधिग्रहण की होगी जरूरत
तय एलायनमेंट के तहत दीघा छोर में प्रस्तावित पुल के एप्रोच रोड के लिए बहुत अधिक जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी। वहीं सोनपुर छोर के एप्रोच रोड के लिए पटना की तुलना में जमीन अधिग्रहण अधिक होगा। एलायनमेंट की मंजूरी के बाद यह तय होगा। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पुल निर्माण को ले निविदा की प्रक्रिया आरंभ होगी।



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