
इसके बाद ग्रामीण उसे ताना देने लगे। पिता ने बेटे का इ’लाज करवाया लेकिन वह ठीक नहीं हुआ और मानिसक रूप से परे’शान रहने लगा। शुक्रवार की रात ललित अपने पिता के कमरे में सोया था। देर रात को वह उठा और धा’रदार हथि’यार से पिता पर ह’मला कर क’त्ल कर दिया। इसके बाद वह मौके से फरा’र हो गया। सुबह के समय रामभूल के बड़े बेटे अरूण ने पिता का श’व चारपाई पर खू’न से ल’थपथ हा’लत में पड़ा देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आ’रोपी ललित को गि’रफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अपना जु’र्म कबू’ल किया है। पुलिस ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने ललित से कहा कि उसके पिता ने उसे नपुंसक बनाया है। पिता द्वारा दी गई दवा से वह नपुंसक बना है। इसके बाद से वह पिता से न’फरत करने लगा। पिता उसे कुछ भी कहते तो वह ल’ड़ने झ’गड़ने लगता था।




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