सीवान में एक ऐसा शिव मंदिर है जहां भगवान शिव की खुले आसमान के नीचे पूजा होती है। ऐसी मान्यता है कि जिसने भी इस मंदिर का निर्माण करवाने की कोशिश की उसकी मौत हो जाती है। लोगों का दावा है कि गांव में एक नाग है जो मंदिर की रक्षा करता है। नाग के डर से गांव के लोग अपने घरों में ही देवी-देवताओं की पूजा करते हैं।
हम बात कर रहे हैं सीवान के महाराजगंज प्रखंड अंतर्गत पटेढ़ा पंचायत के सुरविर गांव की। इस गांव की आबादी 7 हजार से ज्यादा है। यहां आज भी लोग अपने-अपने घरों में फोटो रखकर देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करते है। आज भी इस गांव में सालों पुराना एक शिवलिंग मौजूद है। लोग बताते है कि शिवलिंग पर मंदिर निर्माण कराने के लिए उनके पूर्वजों ने कई बार कोशिश की लेकिन जहरीले नाग के काटने से उनकी अकाल मृत्यु हो गई।
संदिग्ध हालत में हो जाती है मौ‘त
गांव के 75 वर्षीय बुजुर्ग सर्वानंद पांडे बताते हैं कि- उनके दादा के समय से उनके गांव में आज तक किसी भी देवी-देवता का मंदिर नहीं बना। वहीं उनके दादा ने जब शिवलिंग की स्थापना की और मंदिर निर्माण शुरू कराया तो उनकी खड़ाऊ मिट्टी के अंदर धंस गई और पैरों से खून निकलने लगा। लोग कुछ समझ ही पाते तबतक उनकी अकाल मृत्यु हो गई। तब से गांव में चर्चा का विषय बन गया कि जो भी देवी-देवताओं के मंदिर निर्माण के लिए आगे आएगा उनकी जहरीले नाग के काटने से मौत हो जाएगी।

गांव की महिलाएं करती हैं घरों में पूजा
आज भी इस गांव के लोग बताते हैं कि अमावस्या की रात में शिवलिंग पर जहरीले नाग का पहरा रहता है। गांव की 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला पानपति कुंवर ने बताया कि- ‘उनकी शादी के 60 वर्ष से ज्यादा हो गए हैं। यहां की महिलाएं अपने घरों में पूजा-अर्चना करती हैं। गांव में किसी भी भगवान का मंदिर नहीं है। उनके घर के बगल में एक शिवलिंग है लेकिन आज भी उस पर छप्पर नहीं है। महिला ने बताया कि लोगों में डर है क्योंकि गांव में जब भी मंदिर निर्माण शुरू हुआ जहरीले नााग ने काट लिया।’



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