
‘दरअसल, जीतन राम मांझी ने गुरुवार को पूर्णिया में यह बयान दिया था जब उनसे एक तस्वीर दिखा कर सवाल किया गया था, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा संबोधित एक रैली में एक अ’धेड़ उम्र का व्यक्ति अधम’री अवस्था में दिख रहा था। सोशल मीडिया में यह तस्वीर वायरल हो गयी थी।पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि यह व्यक्ति श’राब के न’शे में है या नहीं। लेकिन आइए हम श’राब की ख’पत के बारे में एक बड़ा बतं’गड़ करना बंद करें। दा’रू कभी कभी दवा के रूप में भी पेश की जाती है। मुझे इसका अनुभव है। बहुत पहले मैं हैजा से पी’ड़ित था तब एक नु’स्खे ने मुझे बचा लिया ।हम प्रमुख ने कहा, ‘थोड़ा श’राब पीना काम करने वाले श्रमिकों के लिए संजीवनी के ब’राबर होता है जो दिन भर कमर तोड़ मेहनत कर अपने घर लौटते हैं।’ ‘हम अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने आरो’प लगाया कि बिहार में श’राबबं’दी है ही नहीं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार या हम समर्थित सरकार बनी तो श’राबबंदी कानून बदलने का काम करेंगे।




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