अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहने वाले सीतामढ़ी के नगर विधायक ने एक बार फिर हिंदुओं से जुड़ा बयान दिया है। नगर विधायक मिथिलेश कुमार ने कहा कि हिंदुओं के आस्था के साथ जिला प्रशासन आघात कर रही है। हिंदुओं के अलावा किसी भी धर्म के लोगों पर एफआईआर दर्ज नहीं किया जाता।n
दरअसल रामनवमी पर शहर में जुलूस निकाला गया था। जिसके विरोध में जिला प्रशासन के द्वारा 50 से अधिक लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया। रामनवमी जुलूस के आयोजकों पर हुए मुकदमे को लेकर भाजपा विधायक मिथिलेश कुमार ने प्रशासन को घेरा।
उन्होंने कहा कि प्राथमिकी दर्ज करना और वह भी गाइडलाइन के हिसाब से अभी उचित नहीं है। बिहार के सभी जिलों में जिस प्रकार सभी हिंदू पर्वों का जुलूस निकलता है उस प्रकार सीतामढ़ी में भी निकलन चाहिए। सीतामढ़ी और अयोध्या तो हिंदुओं के भावना का स्थल है। जबकि बिहार के सभी जिलों में आबादी रूप से अपने जो पारंपरिक पर्व त्यौहार हैं उसको हर्षोल्लास के साथ मनाया जाते हैं। और पूरे प्रशासन के लोग उसके सुरक्षा की चिंता करते हैं और कहीं से भी कोई कंफर्म नहीं होता।
कहा कि सीतामढ़ी में अगर कोई सरकार कोई अलग कानून बनाया है। अगर तो सरकार उसका दिशा निर्देश जारी करें। यह सीतामढ़ी के जनता के बीच में स्पष्ट होना चाहिए। नहीं तो हिंदू के भावना पर आघात पहुंच रहा है। यह जनतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा सभी धर्मों के प्रति अपने संविधान का संभव है।
उन्होंने ने हिंदुओ के पक्ष में बोलते हुए कहा कि जो गैर हिंदू त्योहार होते हैं उसमें कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई है। हिंदू का सरस्वती, दुर्गा पूजा, रामनवमी हनुमान जयंती होता है। यह तो अपनी परंपरा है अपनी सांस्कृतिक समृद्धि है। उन्होंने कहा कि सरकारी पदाधिकारी के लिए भी जो नियम सरकार बनाई है, जो संविधान में दर्ज है। क्या सरकारी पदाधिकारी उसका पालन करते हैं और व्यवहारिक रूप से आते हैं। भारत की धरती पर हिंदू संस्कृति के हिसाब से जो हमारी परंपरा है जो हमारा सांस्कृतिक विरासत है उसको मिटाने की कोशिश होगी तो हमारा संस्कार विलुप्त हो जाएगा।



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