बहुचर्चित मुजफ्फरपुर बालिका आश्रय गृह मा’मले में आजीवन का’रावास की स’जा का’ट रहे ब्रजेश ठाकुर को न तो ठीक से नींद आ रही है और न ही उसे जे’ल का खाना पसंद है। तिहाड़ जे”ल संख्या-तीन में ब्रजेश को जिस वार्ड में रखा गया है, उससे चंद मीटर की दूरी पर हाई सिक्योरिटी वार्ड व फां’सी घर है, जहां निर्भया के दो’षियों को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।ब्रजेश के साथ दो अन्य कै’दियों को भी रखा गया है। ब्रजेश के लिए यह तय नहीं किया गया है कि जे’ल में उससे क्या काम लिया जाएगा, इसलिए अभी काम का दबा’व नहीं है।

जे’ल प्रशासन आगामी एक हफ्ते में इस बाबत फैसला ले सकता है। दरअसल, अभी जेल संख्या-तीन के अधिकारियों का ध्यान निर्भया के दोषि’यों पर है। जे’ल अधिकारियों को अभी हर दिन किसी न किसी सु’नवाई के लिए कोर्ट जाना पड़ता है, इसलिए इस बारे में फैसला नहीं लिया गया है।जे’ल संख्या-तीन में कैदियों के पास कार्य के कई विकल्प हैं। यहां इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय का केंद्र, पुस्तकालय और गोशाला भी है। यहां की रसोई भी काफी बड़ी है। जे’ल परिसर में योग स्टूडियो, अस्पताल, पार्क की देखरेख सहित कई जगहों पर कार्य करने के विकल्प हैं। जे’ल प्रशासन को जहां उपयुक्त लगेगा, वहां ब्रजेश ठाकुर से कार्य लिया जा सकता है।




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