निर्भया की मां ने दो’षियों को जल्द से जल्द फां’सी देने की मांग को लेकर नि”चली अदालत के बाहर प्रद’र्शन किया। उनका कहना है कि चारों दो’षियों को फां”सी देने में देरी हो रही है। इनके खि’लाफ नया डे’थ वा’रंट जारी किया जाए। इससे पहले निर्भया को दो’षियों के खि’लाफ नया डे’थ वा’रंट दारी करने की याचि’का पर सु’नवाई हुई। इस दौ’रान निर्भया की मां ने कहा कि वह बेटी को इं”साफ दिलाने के लिए सात साल से भटक रही हैं। दो’षी फां’सी से बचने के लिए नए-नए तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब उनका विश्वास ड’ग’मगा रहा है। कोर्ट में सु’नवाई के दौ’रान निर्भया की मां ने कहा कि अ’दालत दो’षियों के खि’लाफ नया डे’थ ‘व’रंट जारी करे। इस दौ’रान वह सु’नवाई के “दौ”रान बे”होश भी हो गईं।

निर्भया दु’ष्कर्म और ह’त्या के मा’मले में दो’षियों के खि’लाफ नया डे’थ वा’रंट जारी करने की मांग को लेकर नि’र्भया के परिजनों एवं दिल्ली सरकार की तरफ याचिका दायर की गई। निर्भया के परिजनों ने अदालत में कहा कि सभी दो’षी कानून का मजाक बना रहे हैं। निर्भया के स्वजनों व दिल्ली सरकार की तरफ से आवेदन तब दाखिल किया गया जब सुप्रीम कोर्ट ने नया डे’थ वारंट जारी करने के संबंध में प्राधिकारियों को निचली अदालत में संपर्क करने की अनुमति दी।इसके साथ ही तिहाड़ जे’ल प्रशासन ने मंगलवार को निचली अदालत में बताया कि कानूनी उपचार के इस्तेमाल के लिए हाई कोर्ट द्वारा 5 फरवरी को स्वीकृत किए गए एक सप्ताह की समय-सीमा के दौरान दो’षियों द्वारा किसी भी कानूनी उपचार का प्रयोग न’हीं किया गया।

निचली अदालत ने चारों दोषियों के नया डे’थ वारंट जारी करने की मांग करते हुए तिहाड़ जेल प्रशासन व दिल्ली सरकार द्वारा दायर आवेदन को 7 फरवरी को खारिज कर दिया था। निचली अदालत ने 31 जनवरी को अगले आदेश तक डेथ वारंट पर रोक लगा दी थी। निचली अदालत के इस फैसले को गृह मंत्रालय ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने 5 फरवरी को गृह मंत्रलय की याचिका को खारिज करते हुए दो’षियों को कानूनी उपचार एक सप्ताह में पूरी करने का आदेश दिया था।



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