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बिहार में तैयार हो रहा यूपी मॉडल, अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने की तैयारी

बिहार में यूपी का बुलडोजर मॉडल तैयार हो रहा है। अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने की पूरी तैयारी की जा रही है। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बिहार में अतिक्रमण करने वालों पर एक्शन की तैयारी है। बालू माफिया और अवैध कमाई करने वालों के साथ सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले रडार पर हैं। नगर निगम और जिला प्रशासन के साथ कई विभागों में एक्शन की तैयारी चल रही है। कई विभागों ने बुलडोजर की स्टेयरिंग भी घुमा दी है।

तैयार हो रही सूची

सरकारी जमीनों पर अवैध रुप से कब्जा करने वालों की पूरी सूची तैयार की जा रही है। पटना से लेकर राज्य के अन्य जिलों में भी लंबे समय से अवैध कब्जे के मामले में एक्शन की तैयारी की जा रही है। हाउसिंग बोर्ड, जिला प्रशासन और नगर निगम में अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है। विभाग में ऐसे मामलों की सूची तैयार कराई जा रही है जिसमें लंबे समय से अवैध कब्जे की शिकायत है। हाउसिंग बोर्ड और जिला प्रशासन ने तो पटना में इसका शुभारंभ भी कर दिया है।

पटना मे हो चुकी है शुरुआत

राजधानी पटना में यूपी मॉडल की शुररुआत हो चुकी है। राजीवनगर एरिया में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर बुलडोजर चलाया गया है। जिला प्रशासन ने भी सदाकात आश्रम के पास बुलडोजर चलाकर वर्षों से हुए अवैध कब्जे को खाली काराया है। राज्य के अन्य कई जिलों में भी बुलडोजर वाली कार्रवाई चल रही है। पटना में उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका से संबंधित आदेश के बाद प्रशासन ने कुर्जी के सदाकत आश्रम के बिहार विद्यापीठ में कई वर्षों के कब्जे को बुलडोजर से साफ कर दिया है। कब्जा कर अवैध रुप से बनाई गई 15 दुकानों और 42 आवास पर बुलडोजर चलाया गया।

राष्ट्रीय धरोहर पर किया गया था कब्जा

कुर्जी के सदाकत आश्रम में जहां 15 दुकान और 42 आवास में अवैध कब्जा किया गया था वह राष्ट्रीय धरोहर है। जिला प्रशासन का कहना है कि बिहार विद्यापीठ सदाकत आश्रम परिसर में ही भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने सेवानिवृत्ति के बाद जीवन के अंतिम पल बिताए थे। उक्त स्थल पर दो राजेंद्र स्मृति संग्रहालय भी स्थित है। इसके साथ ही परिसर स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मजहरूल हक एवं लोक नायक जयप्रकाश नारायण से भी जुड़ा है। इस वजह से उक्त परिसर की भूमि राष्ट्रीय धरोहर भी है। कब्जा करने वालों को उक्त आवास बिहार विद्यापीठ के कर्मी रहते अस्थायी आवासन के लिए दिया गया था, लेकिन वह सेवनिवृति के बाद भी ख़ाली नहीं किए। कुछ कर्मीयों की मौत के बाद उनके रिस्तेदार अवैध रुप से रह रहे थे।

विभागों में एक्शन की तैयारी

पटना से लेकर राज्य के अन्य जिलों में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा के मामले बुहत हैं। लंबे समय से लोगों का कब्जा है, लेकिन उसे खाली नहीं कराया जा सका है। अब बुलडोजर मॉडल अपना कर एक्शन की तैयारी की जा रही है। नगर निगम और अन्य विभागों में चल रही तैयारी को लेकर बताया जा रहा है कि सूची तैयार होने के बाद संबंधित को पहले नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद एक्शन लिया जाएगा। आवास बोर्ड के साथ अन्य कई विभागों में जमीन का मामला न्यायालय में चल रहा है। न्यायालय से भी आए दिन अवैध कब्जे को खाली कराने को लेकर सख्ती का आदेश दिया जाता है। ऐसे में अब प्रशासनिक स्तर पर बुलडोजर मॉडल अपनाकर कार्रवाई की तैयारी है।

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