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घोड़े पर सवार होकर बिजली बिल वसूलना पड़ा महंगा, विभाग ने रद्द किया कर्मचारी का कॉन्ट्रैक्ट

शिवहर जिले के विद्युत विभाग के संविदा कर्मी को घोड़े पर सवार होकर बिजली बिल वसूल करना महंगा पड़ गया। बिजली विभाग ने संविदा कर्मी अभिजीत तिवारी के घोड़े पर सवार होकर बिजली बिल वसूलने पर लगाम लगा दी है। उनका कांट्रैक्ट रद्द कर दिया गया है।

दरअसल, पेट्रोल की कीमत बढ़ने के साथ ही अभिजीत रोजाना घोड़े पर सवार होकर बिजली बिल वसूल कर रहे थे। इस पहल ने उन्हें बिहार में घोड़े वाला बिजली बाबू बना दिया था। उनका वीडियो भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। अभिजीत मूल रूप से शिवहर प्रखंड के विशनपुर किशन देव गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता शिव शंकर तिवारी ने शौक से घोड़ा पाल रखा है।

कर्मचारी का कहना था कि पेट्रोल की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि अब बाइक से चलना मुश्किल हो गया है। बाइक पर एक दिन का 250 रुपए से ज्यादा का खर्च आता है। घोड़े पर 60-70 में काम हो जाता है। दुर्गम रास्ते पर परेशानी भी होती थी। पर घोड़ा रहने के कारण घुड़सवारी भी जानता है। यही वजह है कि बाइक खड़ी कर घोड़े पर सवार होकर बिल वसूलना शुरू कर दिया। अभिजीत की इस पहल की लोगों ने जहां सराहना की। वहीं विद्युत विभाग को यह नागवार गुजरा और त्वरित कार्रवाई करते हुए बिजली बाबू की संविदा रद्द कर दी गई। इस संबंध में कार्यपालक अभियंता श्रवण कुमार ठाकुर ने बताया कि उनकी संविदा रद्द कर दी गई है।

कर्मचारी का कहना है कि घोड़े पर 60-70 रुपए का खर्च आता है।

कर्मचारी का कहना है कि घोड़े पर 60-70 रुपए का खर्च आता है।

बिजली विभाग ने बताया था निजी मामला

कार्रवाई से पहले बिजली विभाग के अधिकारी श्रवण कुमार ठाकुर ने कहा था कि यह उनका निजी मामला है। कर्मी बाइक से वसूली करें या फिर घोड़े से, यह उनका मामला है। उन्होंने बताया था कि घोड़े के मेंटेनेंस और बाइक के मेंटेनेंस में काफी अंतर है। घोड़े का मेंटेनेंस सस्ता है। बावजूद इसके अब कर्मचारी की संविदा रद्द कर दी गई है।

युवाओं ने प्रदर्शन की चेतावनी दी

विभाग की इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के युवाओं में आक्रोश भी देखा जा रहा है। शिवहर के दर्जनों युवाओं ने विद्युत विभाग के इस कार्रवाई को वापस लेने की। उन्होंने समाहरणालय से लेकर विद्युत विभाग के कार्यालय तक धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी। इधर युवाओं ने इंटरनेट मीडिया पर विभागीय कार्रवाई को गलत करार दिया है।

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