राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद (RJD Chief Lalu Prasad) के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव (Tejpratap Yadav) का अंदाज ही कुछ निराला है. मौका कोई भी हो सुर्खियां बटोरने में तेजप्रताप कहीं पीछे नहीं रहते. इस बार बंशी बजाकर तेजप्रताप यादव जहां सुर्खियों में हैं. वह दलितों को भी अपनी तरफ करने में जुटे हैं.
लालू के लाल कभी कृष्ण तो कभी भोले शंकर बनकर लोगों को हमेशा रिझाते रहते हैं. लोग तो ये भी कहते हैं कि ये सब तेजप्रताप केवल खुद को सुर्खियों में बने रहने के लिए ही करते हैं, लेकिन इस बार तेजप्रताप का कुछ बड़ा ही प्लान है. दरअसल, इस बार तेजप्रताप की नजर दलित वोट बैंक पर है, इसलिए तेजप्रताप कुछ अपने खाद अंदाज में दलितों को रिझाने में लगे हैं. बंशी बजाकर तेजप्रताप दलितों को मोहने में लग गए हैं.

तेज़-तेजस्वी का जागा दलित प्रेम बंशी बजाते बजाते तेजप्रताप जब एक दलित टोले में पहुंचते हैं तो उन्हें भूख लग जाती है. तेजप्रताप एक बेहद गरीब महिला से पूछते हैं क्या खाना बनाई हैं, हमें भूख लगी है तब महिला बोलती है खिचड़ी बन रहा है थोड़ा समय लगेगा. तेजप्रताप फिर उस दलित महिला से पूछते हैं कि आपलोगों का राशन कार्ड बना है और कोई दिक्कत हो तो बोलिए. इस दौ’रान मसौढ़ी की विधायक रेखा पासवान भी उनके साथ में हैं कोई शिकायत है तो बोलिए हम सबका हल निकालेंगे तभी कही से आवाज आती है ई मकनवा लालू जी ने बनवाए हैं ई सुनते ही तेजप्रताप कहते हैं कि जी आपलोगों को ये भी नहीं पता ई सब आपलोगों का मकान हमरे पापा लालू जी ही तो बनवाए हैं.

ई सब ध्यान रखिए बाकी हम तो आपलोगों के लिए मौजूद हैं ही.रविदास जयंती के बहाने दलितों को रिझाने की कोशिश. दरअसल, रविदास जयंती के बहाने बिहार की सारी पार्टियां इन दिनों दलितों को रिझाने में लगी हैं. तेजप्रताप यादव भी इसमें पीछे नहीं हैं. दलितों को रिझाने के लिए तेजप्रताप मसौढ़ी के एक दलित टोले पहुंचे थे जहां उन्होंने संत रविदास को श्रद्धांजलि अर्पित की और फिर बंशी बजाकर लोगों को अपनी तरफ करने में जुटे रहे.



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