खगड़िया शहर में शनिवार को जिला प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण पर कार्रवाई हुई थी। एक दिन बाद जब दैनिक भास्कर ने अतिक्रमण हटने के बाद की स्थिति जानना चाहा तो स्थिति काफी चौंकाने वाली दिखी। रविवार को शहर के राजेन्द्र चौक से लेकर बखरी बस स्टैंड तक एक बार फिर अतिक्रमणकारियों ने सड़क पर कब्जा कर लिया है।
ठेले और सब्जी बेचने वालों सड़क को बाजार बनाकर अपनी अपनी दुकानों को सजा रखा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जिला प्रशासन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। मामले में जब सदर एसडीओ अमित अनुराग से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सड़क पर दुकान लगाने वालों पर कार्रवाई होगी। हम भी इंतजार कर रहे हैं कि और ठेले वाले जुटे तब सभी के सामानों को जब्त करेंगे।
कार्रवाई के बाद नहीं देखा अधिकारियों ने
शनिवार अतिक्रमण अभियान चलाकर जिला प्रशासन के अधिकारी गहरी निद्रा में चले गए। लोगों का आरोप है कि प्रत्येक वर्ष अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई तो होती है लेकिन उसके बाद की स्थिति देखने वाला कोई नहीं होता है। बताया जा रहा है कि डीएम आलोक रंजन घोष ने नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी को कार्रवाई के बाद की स्थिति को बनाए रखने का निर्देश दिया है। बावजूद नगर परिषद इस पर गंभीर नहीं दिख रहा है।
नगर परिषद लेता है टैक्स
गौरतलब है कि है कि शहर की सड़कों पर दुकानें सजाने के एवज में नगर परिषद टैक्स वसूलता है। एक-एक ठेले वाले से नप के कर्मी या ठेकेदार 20 से 25 रुपए की वसूली करते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या नगर परिषद खगड़िया द्वारा इन अतिक्रमणकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है।



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