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बिहार : दुर्लभ प्रजाति के 2 पैंगोलिन बरामद, तस्करी के लिए ले जा रहे थे 2 बद’माश

VTR (वाल्मिकी टाइगर रिजर्व) के गोबर्धना जंगल में दुर्लभ जंगली जीव पैंगोलिन के साथ दो तस्करों को SSB और वन विभाग की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तार तस्करों के पास से 2 पैंगोलिन को बरामद किए गए हैं। पैंगोलिन एक ऐसा जानवर है, जिसकी तस्करी पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा हो रही है। इसका प्रयोग यौनवर्धक दवाओं के साथ कई अन्य तरह की दवाएं बनाने में किया जाता है।

वन संरक्षक डॉक्टर नेशामानी ने बताया कि, गुरुवार को वन विभाग और एसएसबी 65वीं बटालियन के संयुक्त छापेमारी में कामयाबी मिली है। कई दिनों से तस्करी की सूचना मिल रही थी। जिसे लेकर वन विभाग को अलर्ट मोड में रखा गया था। सूचना पर गोबर्धना थाना क्षेत्र के बखरी बाजार से ये जानवर बरामद किए गए है। तस्करी के लिए ले जाए जा रहे पैंगोलिन के साथ दो तस्करों को भी अरेस्ट किया गया है। इन तस्करों से पूछताछ के बाद इस मामलें में शामिल अन्य तस्करों को भी पकड़ने के प्रयास में सभी जुटे है। तस्करों की पहचान वाल्मीकि-नगर थाना क्षेत्र के संजय कुमार और नागेंद्र कुमार के रूप में हुई है।

दुर्लभ प्रजाति का जानवर है पैंगोलिन
पैंगोलिन विलुप्त दुर्लभ प्रजाति का जानवर है। यह अफ्रीका और एशिया में पाया जाता है। सांप, छिपकली की तरह दिखने वाला पैंगोलिन स्तनधारी जीवों की श्रेणी में आता है। कई जगह इसे सल्लू सांप के नाम से भी पुकारा जाता है। पैंगोलिन जानवर का इस्तेमाल ट्रेडिशनल चाइनीजज मेडिसिन में किया जाता है।

यौनवर्धक दवाएं भी बनाई जाती है
पैंगोलिन की हड्डियां और मास की तस्करी अंतरराष्ट्रीय बाजार में होती है। साथ ही इससे यौनवर्धक दवाएं भी बनाई जाती है। वहीं, इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर ( IUCN ) के अनुसार, वन्य जीवों की तस्करी के मामले में दुनियाभर में अकेले 20 फीसदी योगदान पैंगोलिन का है। इस जानवर का चीन में अधिक डिमांड है। हालात ऐसा हो गया है कि अब पैंगोलिन विलुप्त होने वाले जीवों की श्रेणी में पहुंच गए हैं ।

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