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गुरुवार है भगवान विष्णु का दिन, बृहस्पतिवार के दिन श्री हरि की ऐसे करें पूजा, बढ़ेगा मान-सम्मान, दूर होगी सारी प’रेशानियां ‘ॐ वासुदेवाय नमः’

बृहस्पतिवार के दिन सभी भगवान विष्णु जी की पूजा विधिवत रुप से करते हैं। जिस पर भगवान विष्णु जी की असीम कृपा होती है उसके जीवन में चल रही सभी परेशा’नियों का अंत होता है, विवाह से जुड़ी हर परे’शानी से भी आपको मु’क्ति मिलेगी। बता दें, ब्रह्मा, विष्‍णु, महेश तीनों त्रिदेव में भगवान विष्णु को संसार के पालनहार का स्‍थान प्राप्‍त है और इनके भक्त वैष्णव कहलाते हैं। गुरू भगवान के भक्‍त उन्‍हें कई नामों से बुलाते हैं। कोई उन्‍हें जगन्नाथ भगवान के रूप में पूजता है तो कोई कृष्ण के रूप में तो कोई पदमनाभ स्वामी के रूप में और कोई रंगनाथ स्वामी के रूप में पूजा करता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन पीले रंग के कपड़े पहने जाते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे ही उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं-

विष्णु भगवान की पूजा-
गुरुवार के दिन विष्णु भगवान की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि विष्णु भगवान की पूजा से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। ज्ञानवर्द्धक पुस्तकों को योग्य व्यक्तियों को दान करें। कुल पुरोहित का सम्मान करके आशीर्वाद प्राप्त करें एवं यथा शक्ति स्वर्ण का दान करें।करें विष्णु भगवान की पूजा: गुरुवार को विष्णु भगवान की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि विष्णु भगवान की पूजा से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। पहनें पीले रंग के वस्त्र: गुरुवार को पीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए। पीला रंग भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है इसलिए भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए पीले रंग के वस्त्र पहने जाते हैं।

केले के पेड़ की करें पूजा: इस दिन केले के पेड़ की पूजा की जाती है। इस दिन सुबह-सुबह केले के पेड़ की पूजा कर उसके नीचे घी का दीपक जलाना चाहिए। इसके साथ ही केले के पेड़ पर चने की दाल चढ़ाना शुभ होता है। ब्राह्मणों का सम्मान करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। चने की दाल तथा केसर का मंदिर में दान करें, केसर का तिलक मस्तक पर लगाएं।इनका करें दान: इस दिन पीले रंग की चीजें जैसे वस्त्र, अन्न का दान करना शुभ माना जाता है। सत्यनारायण कथा भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए गुरुवार को सत्यनारायण की कथा पढ़ते हैं।

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