मुजफ्फरपुर DRI द्वारा मोतिहारी के हरसिद्धि से जब्त नकली नोट को विदेश में छापे गए थे। गन्नीपुर स्तिथ जांच क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (RFSL) ने जांच पूरी कर ली है। जांच के बाद इसकी रिपोर्ट डीआरआई को सौंप दी गई है। जब्त नोट की छपाई भारत के बाहर हुई है। अब मामले की जांच उच्च एजेंसी कर सकती है।
27 जनवरी 2022 को राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) की मुजफ्फरपुर इकाई ने मोतिहारी के हरसिद्धि में बाइक सवार दो युवकों से पांच सौ के 85 जाली नोट बरामद किए थे। दोनों युवक बाइक के सीट के नीचे नोट को छिपाकर सुगौली, पिपराकोठी होते हुए सीवान जा रहे थे। मौके से दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों सीवान जिले के रहने वाले थे। तस्करों के पास से एक बाइक भी जब्त की गई। इसी बाइक की सीट के नीचे 500 के जाली नोट छिपाकर रखे गए थे। कुल रुपए 42,500 हैं।
इसके अगले दिन DRI की टीम ने दोनों को पूछताछ के बाद मुजफ्फरपुर स्थित विशेष कोर्ट में पेश किया था। जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद जब्त जाली नोटों की जांच के लिए कोर्ट से अनुमति लेकर उसे गन्नीपुर स्थित आरएफएसएल भेजा गया। यहां नोट को हाई क्वालिटी छपाई वाला फेक करेंसी बताया गया। यह भी बताया गया है कि इसकी छपाई भारत के बाहर हुई है। रंग में भी अंतर बताया गया है।

पाकिस्तान में छपाई की जतायी थी आशंका
तस्करों से नोट मिलने के बाद DRI की टीम ने आशंका जतायी थी कि उक्त नोट पाकिस्तान में छापी गई होगी। FSL जांच से यह साफ हो गया है कि इन नोटों की छपाई विदेश में हुई है। अब इसकी जानकारी लगाने के लिए इसकी जांच उच्च एजेंसी से कराई जा सकती है।



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