चारा घोटाला के डोरंडा कोषागार मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को 5 साल की सजा का ऐलान किया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद पटना में 10, सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास के बाहर अचानक से चहल-पहल बढ़ गई। खुद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बाहर आए और मीडिया के सामने अपनी प्रतिक्रिया दी। तेजस्वी ने देश की जांच एजेंसियों पर सवाल उठाए।
तेजस्वी यादव ने कहा कि शुरुआत से ही जो भी अदालत का फैसला हुआ है, उसका पालन किया गया है। यह सीबीआई की विशेष अदालत है। अंतिम अदालत नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट होता है, सुप्रीम कोर्ट होता है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि जो निचली अदालत का फैसला है, वह हाईकोर्ट में बदल जाएगा। सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स सभी जांच एजेंसियां हैं, वह पाक साफ नहीं है। चारा घोटाले के बाद लगभग 80 घोटाले हुए। अब कहां है सीबीआई, कहां है ईडी, कहां है इनकम टैक्स, एनआईए कहां है? इतनी तेजी और देश में केवल एक ही नेता और एक ही घोटाला हो रहा है। गजब एजेंसी है।
कहा कि लालू यादव जी की तबीयत खराब है। लालू जी की थोड़ी सक्रियता आती है तो विपक्ष में छटपटाहट हो जाती है। मोदी, विजय माल्या, चौकसी इन लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है और मेरे ऊपर लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। मुझे हनीमून पर जाना था, मुझे उसे कैंसिल कराकर बाहर जाना पड़ा।

परिवार और पार्टी के अन्य नेताओं ने भी दी प्रतिक्रिया
लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने कविताई अंदाज में कहा कि ‘अस्मत चोरों में खुशी की लहर है, बिहार का शेर जेल की सलाखों में कैद है..’। राबड़ी आवास पर मौजूद राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि सीबीआई ने जो रिपोर्ट सौंपी है, उसके आधार पर यह न्यायिक सजा हुई है। आगे कोर्ट के दरवाजे खुले हुए हैं। हमलोग आगे की प्रक्रिया तय करेंगे।
इससे पहले राबड़ी आवास पहुंचे राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि मुझे CBI पर नहीं, न्यायालय पर भरोसा है। लालू यादव जन नेता हैं, जहां भी रहेंगे, उनके विचार हमारे साथ रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब चारा मामले में शीर्षस्थ नेतृत्व दोषी, तो सृजन मामले में आज का शीर्ष नेतृत्व दोषी क्यों नहीं?

राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह भी पहुंचे।

राबड़ी आवास पहुंचे राज्यसभा सांसद अहमद अशफाक करीम।

राबड़ी आवास के बाहर लगा मीडिया कर्मियों का जमावड़ा।

पटना में 10, सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास के बाहर की तस्वीर।
आम दिनों में लगी रहती है भीड़, लालू के न रहने पर भी जुटते हैं समर्थक
इससे पहले राबड़ी आवास पर सुबह से ही सन्नाटा पसरा हुआ था। गेट बंद थे और बाहर गार्ड के साथ सिर्फ मीडियाकर्मियों का जमावड़ा लगा था। इस दौरान लालू के छोटे बेटे व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, राबड़ी आवास में ही मौजूद रहे। वहीं उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव अपने 2, एम स्टैंड रोड के आवास में हैं।
बता दें कि बिहार के पूर्व CM लालू प्रसाद यादव के आवास के बाहर हमेशा उनके कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहता है। चाहे लालू पटना में रहें न रहे, उनके समर्थक उनके आवास के बाहर हमेशा देखे जाते हैं। लालू को मसीहा मानने वाले उनके न रहने पर तेजस्वी यादव से मिलने और अपनी समस्या सुनाने आते रहते हैं। जब लालू यादव पटना में मौजूद रहते हैं, उस दौरान भी उनके पुराने समर्थक अपने ‘मसीहा’ से मिलने और उनकी पसंदीदा चीजें लेकर आते हैं और अपने नेता को भेंट करते हैं।
चारा घोटाले के 5वें केस में लालू को 5 साल कैद
चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले (डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपए की अवैध निकासी) में बिहार के पूर्व CM और RJD सुप्रीमो लालू यादव को सोमवार को 5 साल की सजा सुनाई गई। उन्हें 60 लाख का जुर्माना भी भरना होगा। रांची में CBI के विशेष जज एसके शशि ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सजा का ऐलान किया। फिलहाल लालू रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती हैं। लालू समेत 40 दोषियों को इस केस में कोर्ट ने 15 फरवरी को दोषी करार दिया था।
जानिए, डोरंडा ट्रेजरी घोटाला आखिर है क्या?
डोरंडा ट्रेजरी से 139.35 करोड़ रुपए की अवैध निकासी के इस मामले में पशुओं को फर्जी रूप से स्कूटर पर ढोने की कहानी है। यह उस वक्त का देश का पहला मामला माना गया जब बाइक और स्कूटर पर पशुओं को ढोया गया हो। यह पूरा मामला 1990-92 के बीच का है। CBI ने जांच में पाया कि अफसरों और नेताओं ने मिलकर फर्जीवाड़े का अनोखा फॉमूर्ला तैयार किया। 400 सांड़ को हरियाणा और दिल्ली से कथित तौर पर स्कूटर और मोटरसाइकिल पर रांची तक ढोया गया, ताकि बिहार में अच्छी नस्ल की गाय और भैंसें पैदा की जा सकें। पशुपालन विभाग ने 1990-92 के दौरान 2,35, 250 रुपए में 50 सांड़, 14, 04,825 रुपए में 163 सांड़ और 65 बछिया खरीदीं।



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