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पटना में कैसे वैकेंसी निकाल रहे जालसाज, ZOO में जॉब के लिए फैलाया जाल

पटना में दो दर्जन से अधिक लोगों के साथ नौकरी के नाम पर ठगी का मामला आया है। पटना जू (ZOO) में नौकरी के पहले वर्दी और जूता के साथ ज्वाइनिंग लेटर के लिए पैसा लिया जा रहा है। जालसाजों ने ठगी के लिए नया फंडा तैयार किया है, जिसमें बहुत बड़ी रकम लेने के बजाए 15 से 20 हजार रुपए की डिमांड की जा रही है, बाकी पैसा के लिए सेलरी से हर माह एक निश्चित धनराशि काट लेने की बात कही जा रही है। सचिवालय थाना की पुलिस ने शिकायत के बाद भी गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके बाद पीड़ितों ने ASP से शिकायत की है।

पटना में बिछाया गया ठगी का जाल

जालसाजों ने पटना में ठगी के लिए पूरा जाल तैयार किया है। पीड़ितों का कहना है कि जालसाजी करने वाला गिरोह बेरोजगारों को निशाना बनाता है। पीड़ितों का कहना है कि अपना नाम सुनील कुमार सिंह बताने वाला नौकरी के नाम पर बेरोजगारों के साथ ठगी कर रहा है। पटना जू के साथ अन्य सरकारी संस्थानों में नौकरी के लिए पहले पूरी प्रक्रिया बताई जाती है और मोटी रकम नहीं मांगी जाती है जिससे पैसा भी लोग आसानी से दे देते हैं। बबलू का कहना है कि उन्होंने कई बार नौकरी के लिए बात की है और हर बार पैसे के डिमांड की गई।

खुद को बताया विभाग का अधिकारी, नहीं आया सामने

पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि जालसाज खुद को वन एवं पर्यावरण विभाग का अधिकारी बताता है और संजय गांधी जैविक उद्यान में नौकरी लगाने के नाम पर बेरोजगारों को फंसाता है। बबलू का कहना है कि जालसाज को पकड़वाने के लिए उन्होंने फोन लगाया, उन्हें भी दो वैकेंसी की बात कही गई। बताया गया कि दोनों वैकेंसी, टिकट काउंटर पर टिकट काटने के लिए है जिसकी सेलरी 20 हजार रुपया प्रति माह बताई गई। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें जब संदेह हुआ तो वह जालसाज से बात की वह पूरी रिकॉर्डिंग करने लगे। पीड़ितों का कहना है कि कई ऐसे लोग हैं, जिनसे वसूली की गई है। पीड़ितों ने संदेह पर उससे मिलने का प्रयास किया गया। जालसाज ने कुछ पीड़ितों को आर ब्लॉक गोलंबर पर सर्टिफिकेट लेकर बुलाया भी लेकिन वह खुद नहीं आया।

पीड़ितों का कहना है कि कई बार में मांग रहा पैसा

नौकरी के नाम पर ठगी के शिकार हुए पीड़ितों का कहना है कि शुरु में 1250 रुपए मांगा गया। इसके बाद वर्दी के नए एक हजार रुपए और जूता के लिए 500 तथा ज्वाइनिंग लेटर के लिए 5 हजार रुपए की डिमांड की गई। पीड़तों से मिलने में कार्यालय में व्यस्तता की बात कहकर जालसाज ने एक महिला का नंबर दे दिया और उससे ही संपर्क करने को कहा गया। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में गंभीर नहीं है, इस कारण से जालसाज पकड़ में नहीं आ रहे हैं। जब तक मोबाइल सर्विलांस नहीं लगाया जाएगा तब तक आरोपित पकड़ में नहीं आएगा। पीड़ितों का कहना है कि ठगी के बाद जब वह सचिवालय थाना पहुंचे तो पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई, पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीड़ितों का कहना है कि थाना प्रभारी सीपी गुप्ता ने मामला दर्ज करने से साफ मना कर दिया। पीड़ितों ने सहायक पुलिस अधीक्षक काम्या मिश्रा से मिलकर शिकायत की है। एएसपी ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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