जमिया में सीएए के वि’रोध में प्रद’र्शन कर रहे छात्रों पर नाबालिग ने जिस पि’स्तौल से गो’ली चलाई थी, उसे गांव के ही एक शख्स से उसने 10 हजार रुपये में खरीदा था। यह बात नाबालिग ने अ’पराध शाखा के अधिकारियों को पूछताछ में बताई है।
चंदन की ह’त्या से आ’हत था : नाबालिग ने पूछताछ में बताया कि वह कमलेश और चंदन गुप्ता की ह’त्या से आ’हत था। यही वजह थी कि उसने गो’ली च’लाने की ठ’न ली। 24 घंटे से ज्यादा पूछताछ के बाद पुलिस ने नाबालिग को 10 दिन के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया है, जहां उसकी काउंसलिंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि 7 दिनों तक नाबालिग की काउंसलिंग की जाएगी।पुलिस अधिकारी ने बताया कि नाबालिग को मौके से जब पक’ड़ा गया, तो उसने पुलिसकर्मियों के सामने भी अपना विरो’ध जारी रखा।

पुलिस उसे लेकर थाने आ गई, जहां उसे शां’त कराया गया। पुलिस ने पी’ड़ित के बयान पर के’स द’र्ज कर अ’पराध शाखा को जांच के लिए सौं’प दी। अप’राध शाखा की टीम ने नाबालिग को हि”रासत में लेकर पूछताछ शुरू की। नाबालिग ने कई खु”लासे किए हैं। शाहीनबाग पर पहले दिन से नजर : सीएए के वि’रोध में दिल्ली के शाहीन बाग में सड़क जा’म की गई जिस पर नाबालिग पहले दिन से नजर रख रहा था। पुलिस की कई बार अपील के बाद भी लोग रास्ता नहीं खोल रहे थे। यह उसे बु’रा लग रहा था। उसने इन लोगों को सबक सिखाने के लिए योजना बनाई।
जामिया में एक घंटा तक रहा: योजना के तहत पि’स्तौल खरीदी और जामिया पहुंच गया। नाबालिग ने बताया कि वह जामिया में एक घंटे से ज्यादा समय रहा। वह प्रद’र्शनकारियों के बीच में बैठा था। उनकी बातें सुन रहा था। जब लोगों ने सीएए के लिए कुछ लोगों को दो’षी बताना शुरू किया तो उसने पि’स्तौल निकाल ली और गो’ली च’ला दी।

सबक सिखाना चाहता था
आ’रोपी किशोर देशभर में सीएए और एनआरसी को लेकर हो रहे हिं’सक वि’रोध प्रद’र्शनों पर मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से नजर रखे हुए था। वह फीस वृद्धि को लेकर जेएनयू के छात्रों के प्र’दर्शन और सीएए व एनआरसी को लेकर जामिया के छात्रों के प्रदर्शन को भी गलत मान रहा है। आ’रोपी छात्र खुद को क’ट्टर देशभक्त बताता है। वह अपने हिसाब से इन सभी को सबक सिखाना चाहता था।
कश्मीरी पंडितों को लेकर प’रेशान था
नाबालिग ने बताया कि वह कश्मीर में एक समुदाय विशेष के लोगों द्वारा पंडितों के साथ किए गए गलत व्यवहार से आ”हत था। वह करीब 2 साल से कश्मीरी पंडितों के बारे में पढ़ रहा था। इसी बीच जब कश्मीरी पंडितों को परे’शान करने वाले समुदाय विशेष ने ही कमलेश और चंदन की ह’त्या कर दी तो वह बहुत आ’हत हुआ।
कोई सा”जिश तो नहीं!
पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि कहीं किसी और व्यक्ति ने नाबालिक किशोर को ढाल बनाकर माहौल ख’राब करने की कोशिश तो नहीं की। ऐसा तो नहीं कि किसी के उ’कसाये में आकर आरो’पी किशोर ने इतना बड़ा कदम उठाया।
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