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3 दिन में बरामद हुई 150 साल पुरानी धूप घड़ी, डेहरी से उखाड़कर ले गए थे चोर

रोहतास के डेहरी शहर में 1871 में स्थापित ऐतिहासिक धूप घड़ी को पुलिस ने शुक्रवार रात बरामद कर लिया। 150 साल पुरानी इस धूप घड़ी की धातु प्लेट को मंगलवार रात चोरों ने गायब कर दिया था। डेहरी शहर की प्राचीन ऐतिहासिक धरोहर के गायब होने से पुलिस अफसरों के भी होश उड़ गए थे।

चोरी होने से पहले देखने के लिए आते थे पर्यटक।

चोरी होने से पहले देखने के लिए आते थे पर्यटक।

SIT का गठन किया गया था

रोहतास पुलिस ने डेहरी शहर के एक कबाड़ी दुकान से प्राचीन धूप घड़ी के ब्लेड को बरामद किया है। यहां से एक चोर को भी गिरफ्तार किया गया है। धातू की ब्लेड को बेचने के लिए कबाड़ी में लाया गया था। चोरी हुई धूप घड़ी के ब्लेड की बरामदगी के लिए रोहतास SP आशीष भारती ने SIT का गठन किया था। इसकी बरामदगी के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा था। इसके साथ ही डॉग स्क्वायड टीम की भी सहायता ली जा रही थी।

धूप घड़ी की धातु प्लेट को उखाड़कर ले गए थे चोर।

धूप घड़ी की धातु प्लेट को उखाड़कर ले गए थे चोर।

कई जगह चल रही थी छापेमारी

डिहरी शहर के मोहन बिगहा स्थित एक कबाड़ी की दुकान के पास बाइक सवार कई चोर धूप घड़ी के प्लेट की बिक्री करने पहुंचे थे। इस दौरान ही पुलिस ने धूप घड़ी की प्लेट के साथ बाइक सवार चोर को दबोच लिया। हालांकि, बाइक सवार एक अन्य चोर मौके से फरार हो गया। धूप घड़ी चोरी होने के बाद से ही संभावित ठिकानों सहित शहर के कबाड़खानों में पुलिस छापेमारी कर रही थी।

1871 में स्थापित की गई थी धूप घड़ी

1871 में स्थापित राज्य की यह ऐसी घड़ी है, जिससे सूर्य के प्रकाश से समय का पता चलता है। तब अंग्रेजों ने सिंचाई विभाग में कार्यरत कामगारों को समय का ज्ञान कराने के लिए इस घड़ी का निर्माण कराया गया और एक चबूतरे पर स्थापित किया गया था। इसी वजह से इसका नाम धूप घड़ी रखा गया। इस घड़ी में रोमन और हिन्दी के अंक अंकित है, उस समय नहाने से लेकर पूरा कामकाज समय के आधार पर होता था।

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