बालिका गृह मा’मले में दो’षी करार ब्रजेश ठाकुर सहित 19 को दिल्ली के साकेत स्थित विशेष कोर्ट मंगलवार को स’जा नहीं सु’नाई जा सकी। जज के अवकाश पर होने के कारण ऐसी स्थि’ति हुई। मा’मले के सत्र-विचारण के बाद विशेष कोर्ट ने 20 जनवरी को 19 आरो’पितों को दो’षी करा’र दिया था। एक आ#रोपित विक्की को साक्ष्य के अ’भाव के अ”)भाव में कोर्ट ने बरी कर दिया था।ब्रजेश ठाकुर, तत्कालीन बाल संरक्षण पदाधिकारी रवि कुमार रोशन , बाल कल्याण समिति के तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप कुमार वर्मा, समिति के सदस्य विकास कुमार, विजय तिवारी, इंदू कुमारी, मीनू देवी, चंदा देवी, नेहा कुमारी, हेमा मसीह, किरण कुमारी,गुड्डू पटेल, कृष्णा राम, रामानुज ठाकुर उर्फ मामू, रामाशंकर सिंह उर्फ मास्टर, डॉ.अश्विनी उर्फ आसमनी, साइस्ता परवीन उर्फ मधु व बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक रोजी रानी शामिल है।


1546 पन्नों में ‘द’र्ज है दो’षियों के गु’नाह
इस मा’मले में विशेष कोर्ट ने 1546 पन्नों में अपना फैसला सुनाया है। इन पन्नों में 19 दो’षियों के गु’नाह द’र्ज है। इसी गु’नाह के आधार पर स’जा की बिंदु पर विशेष कोर्ट सु’नवाई करेगी।
110 गवाहों में 96 की द’र्ज कराई गई थी गवाही
जांच के बाद आ’रोप पत्र में सीबीआइ ने 110 लोगों को गवाह बनाया था। इसमें से 96 गवाहों की विशेष कोर्ट में गवाही कराई गई थी। बचाव पक्ष की ओर से कुल 20 गवाहों की गवाही कराई गई थी।




Leave a Reply