MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : उत्तर बिहार में मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में नकली नोट के बड़े कारोबार का पर्दाफाश हुआ है. मुजफ्फरपुर की विशेष पुलिस टीम ने नकली नोट खपाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 04 आरोपितों को एक लक्ज़री कार के साथ गिरफ्तार किया है. तलाशी के दौरान इनके पास से 100, 200 और 500 रुपये के कुल साढ़े ग्यारह लाख रुपये की नकली भारतीय मुद्रा बरामद की गई है.
पकडे गए आरोपितों की पहचान छपरा जिले के मदरौली निवासी राजू सिंह, फिरोजपुर निवासी आलोक भगत (अमनौर थाना), कोपा थाना क्षेत्र के चौखड़ा निवासी नीरज सिंह, और मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाना क्षेत्र के बखरा निवासी मो. असलम के रूप में की गई है. नोटबंदी के बाद बिहार में नकली भारतीय मुद्रा की संभवतः यह सबसे बड़ी खेप बरामदगी में मुजफ्फरपुर पुलिस टीम ने कामयाबी हासिल की है.
इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक जयंतकांत ने बताया कि गत वर्ष अगस्त में मोतीपुर थाना क्षेत्र और इसके आसपास में नकली भारतीय मुद्रा के प्रचलन की जानकारी मिली थी. जानकारी के आलोक में कार्रवाई करते हुए कई अपराधकर्मियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.

गिरफ्तार किये गए अपराधकर्मियों से पूछताछ के आधार पर मिले महत्वपूर्ण जानकारी और साक्ष्यों के मद्देनजर नकली भारतीय मुद्रा के कारोबारियों के नेटवर्क पर शिकंजा कसने हेतु बनायी गयी विशेष टीम मामले में गोपनीय ढंग से कार्य कर रही थी. विशेष टीम द्वारा तकनिकी, वैज्ञानिक पद्धति और मानवीय सूचना संकलन के आधार पर कुछ दिनों से एक बार फिर से गिरोह द्वारा ग्रामीण इलाकों के साथ ही मुजफ्फरपुर शहर में पैर पसारते हुए नकली नोटों को खपाने की जानकारी प्राप्त हुई.
मिली सूचना के आधार पर सरैया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजेश कुमार ने नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम द्वारा मोतीपुर थाना क्षेत्र के बलमी चौक के निकट घेराबंदी कर की गई छापेमारी के दौरान असम निबंधित लक्जरी स्विफ्ट कार से चारों आरोपितों को साढ़े ग्यारह लाख रुपये के भारतीय नकली मुद्रा के साथ धर दबोचा. पुलिस सूत्रों की मानें तो इसमे अंतर्राष्ट्रीय तस्करों की संलिप्तता सामने आ रही है. पूछताछ के क्रम में आरोपितों के तार नेपाल और बांग्लादेश से संचालित अवैध भारतीय मुद्रा तस्करों से जुड़े हुए बताये जा रहे हैं.
छापेमारी में यह थे शामिल :
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरैया, राजेश कुमार, नगर थानाध्यक्ष पुनि अनिल कुमार, मोतीपुर थानाध्यक्ष पुअनि मुकेश कुमार, साहेबगंज थानाध्यक्ष पुअनि अनुप कुमार, सरैया थानाध्यक्ष पुअनि सुनील कुमार, मोतीपुर थाना के पुअनि हेमंत कुमार और कमलेश वर्मा एवं मोतीपुर थाना में प्रतिनियुक्त सशस्त्र पुलिस बल.

मोतीपुर में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
बता दें कि 01 अगस्त 2021 को वरीय पुलिस अधीक्षक जयंतकांत के निर्देश पर सिटी एसपी राजेश कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने एनएच-28 पर मोतीपुर के रतनपुरा के निकट एक संदिग्ध लक्जरी वाहन से पूर्वी चंपारण जिले के पताही थाना के रतन शायर गांव निवासी अजय महतो, उसकी पत्नी सुनीता देवी व पुत्र मधुरंजन कुमार, चितरंजन कुमार को एक लाख रुपये के नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया था.
इस मामले में पूछताछ के आधार पर नकली नोट के धंधे के पूरे नेटवर्क की जानकारी मिलते ही मुजफ्फरपुर, मोतिहारी व सीतामढ़ी जिले में छापेमारी कर एक महिला सहित कुल नौ लोगों को पकड़ा गया था. इनके पास से कुल सात लाख 50 हजार रुपये मूल्य के नकली भारतीय नोट व 50 हजार असली भारतीय नोट के साथ ही आठ मोबाइल व एक स्कार्पियो गाड़ी भी बरामद की गयी थी. बताया जाता है कि यह गिरोह एक लाख के नकली नोट के बदले पचास हजार रुपये असली भारतीय नोटों का सौदा करता था. नकली नोट खपाने में गिरोह का शातिराना अंदाज था. किसी को शक नहीं हो इसके लिए वह हमेशा लक्जरी गाड़ी भाड़े पर लेकर पत्नी और बच्चों के साथ ही नकली नोट खपाने निर्धारित स्थान पर जाता था.



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