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निर्भया की मां बोलीं, एक फरवरी को द’रिन्दों को फां’सी हो ही जानी चाहिए..

मध्यप्रदेश के इंदौर पहुंची निर्भया की माता आशादेवी ने अपनी वेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बीते 7 वर्ष में उन्हें कई बार ह’ताशा-नि’राशा का सामना करना पड़ा है। वे व्यवस्था से अपील करती है कि आगामी एक फरवरी को दो’षियों को फां’सी हो। आपको बता दें कि दिल्ली की अदालत ने निर्भया केस के सभी दो’षियों के खि’लाफ नया डे’थ वारंट जारी किया है जिसके मुताबिक, सभी को एक फरवरी को सुबह छह बजे फां’सी की स’जा दी जानी है।आशा देवी इंदौर में गांधी प्रतिमा चौराहे पर एक निजी व्यावसायिक समूह द्वारा आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण करने पहुंची थी।

उन्होंने ध्वजारोहण के बाद संवाददाताओं से निर्भया के दो’षियों को माफ किए जाने को लेकर उठ रही आवाजों से जुड़े प्रश्न का जवाब देते हुये कहा कि बीते 7 वर्ष से वे अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ रही है।उन्होंने कहा क्रू”रतम अप’राध सामूहिक दु’ष्कर्म के बाद मौत से लड़ती उनकी बेटी की आखिर क्या गलती थी। उन्होंने कहा कि जिंदगी की जंग ल’ड़ती उनकी बेटी को उन्होंने तड़’पते-म’रते हुए देखा है। ऐसी वेदना से ईश्वर सबको दूर रखें। आशा देवी ने आ’रोप लगाते हुए कहा कि बीते 7 वर्षों में कोई मानव अधिकार का नुमा”इंदा उनसे नहीं मिला है। उन्हें तारीख पर तारीख मिल रही है। अब आगामी एक फरवरी को सभी दो’षियों को फां’सी मिले, इससे निर्भ’या को इं’साफ मिलेगा।

निर्भया के गु’नहगारों की पैंत’रेबाजी लगातार जारी है। फां”सी की स’जा पाए दो’षियों में से एक ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खा’रिज किए जाने की न्यायिक समीक्षा का अनु’रोध किया है। दो’षी मुकेश कुमार सिंह (32) की ओर से अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने यह अर्जी दायर की है। इससे पहले दिन में दिल्ली की एक अदालत ने दो’षियों के वकील की याचिका का “निपटारा करते हुए कहा कि अ”र्जी पर आगे किसी दिशा-निर्देश की आवश्यकता नहीं है। वकील ने याचिका में कहा था कि जे”ल के अधिकारी वे दस्तवेज मुहैया नहीं करा रहे हैं जो दया तथा सुधारात्मक याचिकाएं दा’यर करने के लिए जरूरी हैं।

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