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बिहार की फैक्ट्रियों में काम करने वाले प्रवासी कामगारों को मिलेगी विशेष सुविधा, नीतीश सरकार करने वाली है यह व्यवस्था

बिहार की फैक्ट्रियों में काम करने वाले दूसरे राज्यों के प्रवासी कामगारों को विशेष सुविधा मिलेगी। विशेषकर साल में एक बार उन प्रवासियों को घर आने-जाने का किराया मिलेगा। इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार अलग से एक टोल फ्री नंबर भी रखेगी। श्रम संसाधन विभाग ने अंतरराज्यिक प्रवासी कामगारों के लिए यह व्यवस्था की है।

विभाग ने कहा है कि अगर नियोक्ता दूसरे राज्यों के कामगारों को अपनी फैक्ट्री में रखेंगे तो उन्हें उस श्रमिक को ट्रेन, बस या किसी अन्य यात्री परिवहन माध्यम से रोजगार स्थान से गृह राज्य में उनके निवास स्थान तक आने-जाने की यात्रा के लिए किराए के रूप में एकमुश्त राशि देनी होगी। यह राशि ट्रेन में स्लीपर से कम की नहीं होगी। 

यह सुविधा वैसे कामगारों को मिलेगी जो एक साल के छह महीने यानी 180 दिन कम से कम संबंधित प्रतिष्ठान में काम कर चुके हैं। प्रवासी कामगारों को यात्रा भत्ता साल में एक बार ही मिलेगा। अगर प्रवासी कामगार बिना यात्रा भत्ता लिए ही फैक्ट्री बदल ले और नए प्रतिष्ठान में छह महीने काम पूरा कर ले तो उसे यात्रा भत्ता का लाभ नए प्रतिष्ठान से ही मिलेगा।

राज्य सरकार खुद हेल्पलाइन नंबर जारी करेगी

प्रवासी कामगारों के लिए एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर की सुविधा रहेगी। राज्य सरकार खुद यह हेल्पलाइन नंबर स्थापित करेगी ताकि दूसरे राज्य के कामगारों के परिजन उस पर फोन कर आवश्यक जानकारी दे सकें या कोई सूचना ग्रहण कर सकें। अगर फैक्ट्री संचालकों की ओर से कोई मनमानी की गई तो उस नंबर पर भी प्रवासी कामगार के परिजन शिकायत कर सकेंगे। 

सरकार ने साफ किया है कि अंतर-राज्यिक प्रवासी कामगारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए किए जाने वाले अध्ययनों की पहचान की जाएगी। जहां कहीं भी आवश्यक हो, राज्य सरकार अंतर-राज्यिक प्रवासी कामगारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण में शामिल केंद्र सरकार या विशेषज्ञ संगठनों से परामर्श भी कर सकती है।

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