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सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने पर पाबंदी मामले में बोले सीएम नीतीश- ये सब कोई इश्यू नहीं है

सार्वजनिक जगहों(Public Places) पर नमाज पढ़ने(Namaz Offering Ban) पर पाबंदी लगनी चाहिए. बीजेपी नेता की इस मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम नतीश(CM Nitish Kumar) ने कहा कि “ इ सब कोई मतलब है जी कौन कितना करते रहता है. कहीं कोई पूजा करते रहता है, कहीं कोई गाते रहता है. ये सब कोई इश्यू नहीं है. अपना-अपना विचार है, हमलोगों का ऐसा कोई विचार नहीं है. हम तो सबको मानकर चलते हैं कि सबको करना चाहिए. कोरोना काल में गाइडलाइन का सभी धर्म के लोग पालन कर रहे थे. हमारी नजरों में सभी धर्म के लोग एक समान है, सबको ध्यान रखना चाहिए. इन सब विषयों पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है. कोई सुनता है, कोई ना कोई करते ही रहता है बाहर में. फिर कोरोना का दौर आ रहा है. गाइडलाइन सभी को पालन करना होगा. लेकिन यह कोई एक धर्म की बात नहीं है सभी लोगों के लिए है. सभी लोगों को इन सब चीजों को ध्यान रखना चाहिए.”

वहीं विकास के मामले में नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार को पिछड़ा बताए जाने पर सीएम नीतीश ने कहा कि बिहार के विकास के लिए बहुत कुछ किया गया. प्रति व्यक्ति आय के मामले में बिहार पिछड़ा है. इस मामले में पिछड़ा राज्य स्वीकार करने में कोई बुराई नहीं है.कई सालों से बिहार में तरक्की हो रही है. महिलाओं का विकास, स्कूली छात्र-छात्राओं का विकास, शिक्षा-सड़क समेत सभी क्षेत्र में विकास का काम किया गया है. अब बिहार में दंगा फसाद बंद हो चुके हैं. बिहार विकास कर रहा है.

वहीं बिहार में कोरोना के बढ़ते खतरे को लेकर सीएम नीतीश ने कहा कि सरकार पूरी तरह से सजग है. इंट्री प्वाइंट पर कोरोना जांच की व्यवस्था की गयी है. विभाग को हर चीज पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया गया है. बिहार में कुछ मामले मिले हैं, लेकिन वो ओमिक्रोन है या फिर नॉर्मल कोरोना?, इसके लिए जांच सैंपल बाहर भेजा गया है. लेकिन वहां से अभी तक रिपोर्ट नहीं आयी है.

आगे कहा कि कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पिछली बार की तरह तैयारी शुरू कर दी गयी है. ताकि संक्रमितों का इलाज हो सके. उन्होंने कहा कि यहां रहने वाले लोगों के संक्रमित होने की सूचना नहीं है. बाहर से आने वाले लोग ही पॉजिटिव पाए जा रहे हैं. इसका ख्याल रखा जा रहा है. ऐसे लोगों पर निगाहें रखी जा रही है.

दरअसल,  बिहार में कोरोना संक्र’मितों की संख्या एक बार फिर से बढ़ने लगी है. पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में रविवार को कोरोना से 45 साल की एक महिला की मौत हो गई. जुलाई के बाद यह पहला मौका है जब संस्थान में कोरोना संक्रमण (Covid Infection) से कोई मौ’त हुई है. मृ’त’ महिला फुलवारीशरीफ इलाके के मानस मार्ग मोहल्ले की रहने वाली थी.

Input : Livecities

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