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कार के बेकार शीशे पर हथौड़ा मा’र उकेर देते हैं चित्रकारी, मिलिए बिहार के सिमोन बर्जर से

सुनकर भले ही अजीब लगे, लेकिन बिहार में एक ऐसा भी कलाकार है, जो हथौड़े से चित्रकारी करता है। इस कलाकार का नाम है सिमोन बर्जर। इस कलाकारी को सैटर ग्लास आर्ट बोलते हैं। सिमोन एक स्विस आर्टिस्ट हैं। इन्हें इस कला का पहला कलाकार माना जाता है। बिहार में सिमोन की कला से ही प्रेरणा लेकर शुभम वर्मा ने हथौड़ा थामा है और राज्य कला पुरस्कार के लिए खास कलाकृति तैयार कर रहे हैं।

सैटर ग्लास आर्ट के कलाकार भारत में कम ही मिलते हैं। शुभम के मुताबिक, वो इस कला को बनाने वाले देश के पहले और दुनिया के दूसरे कलाकार हैं। शुभम का ये दावा कितना सच है, इसकी पुष्टि तो भास्कर नहीं करता, लेकिन इतना जरूर है कि इस कला को तैयार करने का अंदाज बेहद मुश्किल और अनोखा है। लेमिनेटेड ग्लास पर तैयार की जाने वाली इस कलाकृति को शीशे पर हथौड़ा मारकर तैयार किया जाता है।

इसमें ना तो किसी रंग का इस्तेमाल होता है और ना किसी ब्रश का। शीशे पर छेनी और हथौडे़ से होनेवाली इस कलाकारी में शुभम शीशे पर कभी तेज तो कभी धीमे हथौड़ा मारते हैं। ग्लास लेमिनेटेड होने की वजह से पूरी तरह से टूटता नहीं है, लेकिन उस पर क्रैक पड़ जाता है। यही क्रैक धीरे-धीरे एक आकृति में बदल जाती है।

टूटे विंडसिल्ड का कलाकृति बनाने के लिए करते हैं इस्तेमाल

NIFT पटना से साल 2018 में ग्रेजुएट शुभम, बिहार और झारखंड के उद्योग विभाग से जुड़े विभिन्न योजनाओं में काम कर चुके हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने सैटर ग्लास आर्ट बनाना शुरू किया। राज्य कला पुरस्कार के लिए वो जो आकृति बना रहे हैं, उसमें उन्होंने बिहार के मानचित्र पर भगवान बुद्ध को उकेरा जा रहा है।

इस साल बिहार में राज्य कला पुरस्कार के लिए 600 कलाकारों ने आवेदन दिया है। शुभम के लिए जाहिर तौर पर प्रतियोगिता कठिन है। यही वजह है कि अपनी खास कला को उन्होंने रिसाइक्लिंग से भी जोड़ा है। उन्होंने टूटे विंडसिल्ड का इस्तेमाल अपनी कलाकृति बनाने के लिए किया है।

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