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अब ट्रेन में आपकी बर्थ पर आएगा गरमा गरम खाना, 10 दिसंबर तक ट्रेनों में लग जाएंगी पैंट्री कार

अब ट्रेनों में आपको खाना के लिए स्टेशनों पर परेशान नहीं होना होगा। कोरोना काल से पहले की तरह की आपकी बर्थ पर गरमा गरम लजीज व्यंजनों की थाली पहुंच जाएगी। इतना ही नहीं आप ई-कैटरिंग का इस्तेमाल का बाहर से भी मनचाहे स्टेशन पर खाना मंगा सकते हैं। IRCTC ने बिहार की 13 ट्रेनों में पैंट्री कार की सेवा शुरू करने की तैयारी कर ली है। 10 दिसंबर तक 13 ट्रेनों में व्यवस्था हो जाएगी और इसके बाद अन्य ट्रेनों में पैंट्री कार लगाई जाएगी। बताया जा रहा है कि 20 दिसंबर तक अन्य 10 से अधिक ट्रेनों में पैंट्री कार की व्यवस्था हो जाएगी।

13 ट्रेनों में लगाई जाएगी पैंट्री कार
IRCTC के पटना रीजन के रीजनल मैनेजर राजेश कुमार का कहना है कि कोरोना के खतरे को लेकर ट्रेनों में पैंट्री कार की सेवा के साथ ई-कैटरिंग की सेवा बंद कर दी गई थी। अब कोरोना से देश में हालात सामान्य हो रहे हैं, ऐसे में IRCTC ने निर्णय लिया गया है कि ट्रेनों में पैंट्री कार की व्यवस्था की जाए। इस काम को चरण वार करने का निर्णय लिया गया है। बिहार में दिसंबर के पहले सप्ताह में 13 ट्रेनों में पहले चरण पैंट्री कार देने की तैयारी है।

संपूर्ण क्रांति सहित 13 ट्रेनों में व्यवस्था
IRCTC ने पूर्ण मध्य रेल की संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस, हावड़ा जनशताब्दी, सप्तक्रांति एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, महाबोधि एक्सप्रेस सहित 13 ट्रेनों में 10 अक्टूबर तक पैंट्री कार लगा दी जाएगी।

रेडी-टू-ईट की भी होगी व्यवस्था
IRCTC के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार का कहना है कि ई-कैटरिंग की भी व्यवस्था शुरू हो जाएगी। रेडी-टू-ईट आई ई-कैटरिंग की व्यवस्था शुरू होने के बाद दिसंबर अंत तक तेजस, राजधानी एक्सप्रेस सहित पूर्व मध्य रेल की सभी वैसी ट्रेनें, जिसमें कोरोना से पहले खानपान की सेवा उपलब्ध थी उसके पैंट्री कार और ई-कैटरिंग की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।

कोरोना में बेरोजगारों हुए लोगों को मिल जाएगा रोजगार
कोरोना काल में ट्रेनों में पैंट्री कार बंद होने से अधिक संख्या में कुक और अन्य स्टाफ बेरोजगार हो गए थे। इसमें बिहार के लोगों की संख्या अधिक होती है। इसमें कुक वेटर के साथ अन्य वेंडर शामिल होते हैं। IRCTC का कहना है कि ट्रेनों की दूरी के हिसाब से ही वेंडर और कैटर की व्यवस्था होती है। कोरोना काल में सभी काम पूरी तरह से बंद कर दिए गए थे।

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