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बिहार : यहां मिलते हैं 5 से 100 रुपये तक के कपड़े, 50 वर्षों से चल रहा बजार

बाजारों में नए कपड़े मिलते तो आपने कई बार देखा होगा। लेकिन, कभी सेकंड हैंड कपड़ों के बाजार के बारे में नहीं सुना होगा। दरअसल, मुजफ्फरपुर जिले में एक ऐसा बाजार सजता है, जहां सेकंड हैंड कपड़ों का दुकान लगाया जाता है। शहर के इम्लीचट्टी स्थित सरकारी बस स्टैंड के समीप पुराने कपड़ों का बाजार सजता है। यहां हर तरह के पुराने कपड़े मिल जाते है। 5 रुपये से लेकर 100 रुपये तक के कपड़े यहां मौजूद है। इस बाजार में हर वर्ग के लोगों के लिए कपड़े मौजूद है। ये दुकाने प्रत्येक दिन सजती है।

सैकड़ो गुजराती परिवार 50 वर्षो से भी अधिक समय से सजा रहे दुकाने

दुकानदार रवि गुजराती, गीता गुजराती, रीता गुजराती, सुषित गुजराती समेत अन्य दुकानदारों ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से दुकान लगाते है। करीब 50 वर्षो से अधिक समय से यहां दुकाने सजती है। ये दुकान सैकड़ो गुजराती परिवार लगाते है। इसमें महिला भी शामिल है। पुराने कपड़े बेचकर इनका परिवार भी चलता है। साथ ही जो लोग नए कपड़े लेने की क्षमता नहीं रखते है, उनके सपने यह 5 रुपये से लेकर 100 रुपये तक मे पूरे करते है। ताकि, उन्हें भी कपड़े मिल सके। उनके लिए यह नए कपड़ों से कम नहीं है।

दिनभर घूमकर बर्तन से बदलते है पुराने कपड़े

दुकानदार रीता ने बताया कि गुजराती मोहल्ले की कई महिलाएं सुबह से ही शहर में घूमती है। वह नए बर्तन लेकर घर-घर जाती है। वहां पुराने कपड़े से बर्तन बदलती है। कई परिवार पुराने कपड़े के बदले नए बर्तन लेते है। जैसे 4 जोड़े पुराने कपड़े पर एक थाली व ग्लास मिल जाता है। घर वालों को बर्तन मिलते है। हमे पुराने कपड़े। इसी तरह हर मोहल्ले में घूमकर वे पुराने कपड़े एकत्र करती है। फिर, उन्हें घर लाकर साफ सफाई करती है। आयरन कर कपड़ों को चमकाती है। इसके बाद अगले दिन कपड़ों को बाजार में रखती है।

रिक्शे वाले से लेकर हर वर्ग के लोग खरीदते है कपड़े

दुकानदारों में बताया कि जो लोग नए कपड़े नही खरीद पाते है। यह बाजार खासतौर पर उनके लिए है। यहां बच्चो के शर्ट 5 रुपये तक मे मिल जाते है। जीन्स 100 रुपये में दो तक मिल जाते है। सर्दियों में जैकेट व ब्लेजर तक सस्ते दामो में मिलते है। यहां रिकशे वाले से लेकर हर वर्ग के लोग पहुंचते है। जो नए कपड़े लेने में सक्षम नहीं है।

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