बिहार के CM नीतीश कुमार के जनता दरबार कार्यक्रम में सोमवार को लोगों की फरियाद सुनी गई। बक्सर से आए एक व्यक्ति ने CM से कहा- ‘भोजपुरी गाने और फिल्मों में अश्लीलता रोकने की जरूरत है, लेकिन सरकार के स्तर से उसे रोकने की कोई व्यवस्था नहीं है।’ इस पर मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को फोन लगाकर कहा कि इनके सुझाव को देखिए और उस पर विचार कीजिए।
भागलपुर से आई एक महिला ने CM से अपनी शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप था- ‘आंगनबाड़ी सेविका चयन में गड़बड़ी की जा रही है।’ इस पर CM ने समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव को फोन कर मामले को देखने को कहा। एक दूसरी महिला ने मुख्यमंत्री से कहा- ‘पति की मौत कोरोना से हो गई। सरकार की तरफ से जो देय राशि है, वो अब तक नहीं मिली।’
इस पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अफसर को फोन कहा- ‘क्यों नहीं दिया जा रहा। हमने तो पिछली बार ही कह दिया था कि जितने लोगों का बकाया है, उन लोगों को दीजिए।’

लिखने के लिए आर्थिक मदद की फरियाद
एक लेखक ने जनता दरबार में फरियाद किया- ‘आर्थिक मदद की जाए। वे लेखक हैं और कई किताबें लिख चुके हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से लेखनी पर प्रभाव पड़ रहा। सर, इसमें आप मदद करिए और आर्थिक सहायता कीजिए।’ इस पर CM ने कहा कि बिहार में बहुत सारे लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं। तब तो सबको आर्थिक रूप से मदद करना पड़ेगा। आपको मदद करने के लिए हमें अलग से नियम बनाना पड़ेगा।

एक लड़की ने CM से कहा- ‘हमारे पिता शिक्षक थे। 2019 में ही उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी जगह अनुकंपा पर हमें नौकरी नहीं दी जा रही। प्लीज इसमें हमारी मदद करें।’ लड़की की गुहार पर CM नीतीश ने कहा- ‘लड़का हो या लड़की कोई फर्क नहीं पड़ता। लड़की को भी अनुकंपा पर नौकरी देने का प्रावधान है और वो जरूर मिलेगी।’

आज सुनी गई इन विभागों से जुड़ी समस्याएं
इस महीने के दूसरे सोमवार को आयोजित जनता दरबार में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग, कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, कला संस्कृति एवं युवा विभाग, वित्त विभाग श्रम संसाधन विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग से संबंधित शिकायतें सुनी गई।




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