बिहार के दो जिलों में जहरीली शराब से हुई मौतों पर पीड़ितों के घर में मातमी सन्नाटा है तो राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का शोर है। बेतिया और गोपालगंज में हुई घटनाओं के बाद बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय फिर निशाने पर आ गए हैं। प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने CM नीतीश कुमार को मंत्री के भाई से जुड़े शराब मामले की याद दिलाकर कार्रवाई की मांग की है।
तेजस्वी यादव ने शराब कांड को लेकर नीतीश कुमार से सवाल किया है कि मंत्री रामसूरत राय पर अब तक कार्रवाई नहीं है। जबकि उनके स्कूल के अंदर से दो ट्रक शराब की बरामद हुई थी। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर शेयर कर यह सवाल किया है। रामसूरत राय भाजपा के नेता हैं और कैबिनेट में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री हैं।

इधर तेजस्वी यादव के इस हमले पर मंत्री रामसूरत राय ने पलटवार किया है। रामसूरत राय ने तेजस्वी यादव से कहा है कि नेता प्रतिपक्ष पहले अपने भाई की करनी का जवाब दें। अपने पक्ष में बोलते हुए रामसूरत राय ने कहा कि मेरे भाई के मामले की जांच पुलिस कर रही है और कोर्ट ने उन्हें बेल दे रखा है।

तेजस्वी के आरोपों पर सफाई देते मंत्री रामसूरत राय।
आरोपों पर मंत्री ने बचाव में भाई से बंटवारे का किया था दावा
मार्च 2021 में तेजस्वी यादव ने मंत्री से जुड़ा खुलासा किया था। तब सामने आया था कि मुजफ्फरपुर स्थित जिस स्कूल परिसर से शराब लदा ट्रक पकड़ा गया था, वो असल में रामसूरत राय के भाई का स्कूल था। इसे लेकर रामसूरत राय के भाई पर एफआईआर भी दर्ज हुई थी। राजद ने तब भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर सवाल उठाया था।

बचाव में मंत्री ने कहा कि साल 2006 में ही भाई से मौखिक बंटवारा और 2012 में रजिस्टर पर बंटवारा हो गया है। विपक्ष के बयानी हमले पर तब मीडिया में सफाई देते हुए रामसूरत राय ने जल्द ही बंटवारे से जुड़े कागजात सार्वजनिक करने की बात कही थीं. लेकिन आज उन्होंने इसे लेकर कहा कि मैंने सदन पटल पर ये कागज रख दिया था।



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