इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) में महंगाई का आलम यह हो गया है कि वहां चीनी (Sugar Price In Pakistan) 150 रुपये किलो मिल रही है. यह दावा समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट में किया गया है. पाकिस्तान में चीनी की कीमतें गुरुवार को पेट्रोल की दरों को पार कर गईं. ANI की रिपोर्ट में जियो न्यूज के हवाले से कहा गया- ‘देश में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण लगाने के सरकारी आश्वासन के बावजूद, अलग-अलग शहरों में चीनी 150 रुपये प्रति किलो की कीमत पर बिक रही है. वहीं देश में पेट्रोल की कीमत 138.30 रुपये प्रति लीटर हो गई है.’ रिपोर्ट के अनुसार पेशावर के थोक बाजार में चीनी के दाम में 8 प्रति किलो का इजाफा हुआ है
वहीं शुगर डीलर्स एसोसिएशन ने कहा कि थोक बाजार में चीनी 140 रुपये प्रति किलो के दर पर बेची जा रही है, जबकि खुदरा यानी खुले मार्केट में चीनी की कीमत 145 रुपये से बढ़कर 150 रुपये प्रति किलो हो गया है. उधर लाहौर के थोक बाजार में चीनी की कीमत बुधवार को 126 रुपये प्रति किलो थी. जियो न्यूज़ के अनुसार सूत्रों ने कहा कि चीनी विक्रेताओं ने लाभ कमाने के लिए कमी पैदा की और दाम बढ़ा दिए. कराची में चीनी की कीमत फिलहाल 142 रुपये किलो पहुंच गई है. कराची में चीनी के दामों में सिर्फ 1 दिन में 12 रुपये की बढोतरी हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक क्वेटा में भी कुछ ऐसा ही हालात हैं. यहां चीनी की कीमतें 124 रुपये से बढ़कर 129 रुपये किलो हो गई है. गौरतलब है बीते दिनों पाक सरकार ने सब्सिडी पैकेज का ऐलान किया था
इमरान के सब्सिडी पैकेज में क्या था?
प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को गरीब परिवारों को दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए 120 अरब रुपये के बड़े पैकेज की घोषणा की. उन्होंने इसे पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा कल्याणकारी योजना बताया. उन्होंने राष्ट्र के नाम एक संबोधन में कहा कि सब्सिडी कार्यक्रम के तहत पात्र परिवार अगले छह महीनों के लिए 30 प्रतिशत कम कीमतों पर गेहूं का आटा, घी और दाल खरीद सकेंगे.
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खान ने कहा कि उनकी सरकार ने दो करोड़ परिवारों को अगले छह महीनों के लिए 30 फीसदी सस्ता आटा, दाल और घी खरीदने में मदद करने के लिए 120 अरब रुपये आवंटित किए हैं. सब्सिडी को पाकिस्तान के इतिहास में सबसे बड़ा कल्याणकारी कार्यक्रम बताते हुए उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान को सही मायने में कल्याणकारी देश बनाने की दिशा में एक कदम है क्योंकि इससे देश भर में 13 करोड़ लोगों को लाभ होगा.
उन्होंने कहा कि यह सब्सिडी 260 अरब रुपये के एहसास कार्यक्रम के अतिरिक्त है, जो पहले से ही 1.2 करोड़ गरीब परिवारों को नकद सहायता प्रदान करने के लिए चल रहा है.



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