बिहार की नीतीश सरकार ने शराबबंदी पर पूर्ण पाबंदी लगा रखी है, लेकिन उपचुनाव के बाद कई जिलों से जहरीली शराब से मौत की खबरें आ रही हैं। मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, बेतिया में लोगों की मौत जहरीली शराब से हुई है। जाहिर है अवैध शराब लोगों तक पहुंच रही है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद का गुस्सा इसके बाद नीतीश सरकार पर भड़क उठा है।
लालू प्रसाद ने कहा है कि बिहार की नीतीश-भाजपा सरकार ने महंगाई-बेराजगारी से जनता का दिवाला निकालने एवं निवाला छीनने के साथ ही पिछले सप्ताह शराब पिलाने से 50 से अधिक लोगों की जान ली है। मुख्यमंत्री दो शब्द संवेदना के भी प्रकट नहीं करेंगे। क्योंकि इससे उनके द्वारा संरक्षित शराब माफिया नाराज हो जाएगा।
किसी की सनक से कागजों पर शराबबंदी है
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक वीडियो शेयर करते हुए ट्वीटर पर लिखा है कि इन चीखों का गड़बड़ डीएनए वाली एनडीए सरकार और तीन नंबरिया पार्टी के मुखिया पर कुछ फर्क नहीं पड़ता। जहरीली शराब से बिहार में दिवाली के दिन सरकार द्वारा 35 से अधिक लोग मारे गए। हां… किसी की सनक से बिहार में कागजों पर शराबबंदी है अन्यथा खुली छूट है क्योंकि ब्लैक में मौज और लूट है।


ट्वीटर पर मुख्यमंत्री ने दी दिवाली की शुभकामना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीटर पर लोगों को दीपावली की बधाई देते हुए इसे अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक कहा। अन्य ट्वीट में उन्होंने डीजल और पेट्रोल की कीमत में राहत की बात की पर शराब से हुई मौत पर कुछ नहीं कहा। लालू प्रसाद का गुस्सा इसी बात से है।
शराबबंदी की आलोचना करके माफिया को मजबूती देने में लगा है विपक्ष- भाजपा
भाजपा के प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि शराबबंदी की सराहना सभी कर रहे हैं। महिलाओं और कमजोर तबके के लोगों को लाभ भी मिला है। जहां तक मौत का सवाल है तो इसमें माफिया सक्रिय हैं और उनके खिलाफ सरकार कार्रवाई कर रही है। अफसरों पर भी कार्रवाई हुई है। बड़ी संख्या में लोग जेल भेजे गए हैं। शराबबंदी के मामले में सरकार की आलोचना करके विपक्ष माफियाओं को मजबूती देने का काम कर रहे हैं। लालू प्रसाद या तेजस्वी यादव को यह बात समझनी चाहिए।




Leave a Reply