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बिहार में फिर बढ़ने लगा कोरोना संक्रमण, 24 घंटे में कोरोना के 8 नए केस मिले, पिछले 10 दिनों में 61 लोग संक्रमित

देश के कई राज्यों में कोरोना का खतरा बढ़ रहा है। इन राज्यों से बिहार में भी लोग आ रहे हैं जो खतरा बढ़ा सकते हैं। नवंबर फेस्टिवल का महीना और इस महीने बाहर से आने वालों की जांच में लापरवाही हुई तो बिहार में भी खतरा बढ़ सकता है। पिछले 24 घंटे में बिहार में कोरोना के 8 नए केस मिले हैं। 21 अक्टूबर को महज दो केस मिले थे और 22 अक्टूबर को 6 केस मिले। 23 अक्टूबर को 9 मामले आए, 24 अक्टूबर 4 केस, 25 अक्टूबर को 2 केस और 26 अक्टूबर को फिर 8 नए केस मिले। वहीं 27 अक्टूबर को 5 केस, 28 और 29 अक्टूबर 6-6 नए केस मिले। 30 अक्टूबर को 5 नए केस मिले और 31 अक्टूबर को 8 नए केस मिले।

देश के कोरोना प्रभावित 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और 40 डीएम को केंद्र सरकार ने 3 नवंबर को तलब किया है। अब नवंबर माह में हर दिन सावधानी से रहना होगा क्योंकि यह फेस्टिवल का महीना है। बिहार में वैक्सीनेशन की रफ्तार संतोषजनक है लेकिन दूसरा डोज लेने में बड़ी मनमानी चल रही है जो खतरे की घंटी है।

त्योहारों की भरमार के बीच खतरा

नवंबर माह में त्योहारों की भरमार लगी है। इस दौरान छुट्टियां भी हैं जिससे लोगों को घूमने का भी खूब मौका है। लेकिन सावधानी नहीं रही तो यह महीना ही संक्रमण को लेकर भारी पड़ सकता है। कार्तिक माह यानी नवंबर में धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठपूजा सहित कई बड़े और खास त्योहार पड़ते हैं। बिहार में पहली और दूसरी लहर में वैसे भी लोगों की मुश्किल बढ़ी है, अब लापरवाही से तीसरी लहर का प्रभाव दिखा तो बिहार को हर दृष्टिकोण से बड़ा नुकसान होगा।

इस कारण बढ़ रहा खतरा

दीपावली और छठ पूजा में देश के अलग अलग राज्यों काम करने वाले बिहारी घर लौट रहे हैं। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से ही बाहर से आने वालों का सिलसिला चल रहा है। नवंबर माह के पहले सप्ताह में लोगों का आना बढ़ जाएगा। दैनिक भास्कर पहले ही खुलासा कर चुका है कि किस तरह से स्टेशन पर जांच में मनमानी की जा रही है। बाहर से आने वाले जांच कराने को लेकर तैयार ही नहीं हो रहे हैं। ऐसे में त्योहार में बाजार और घाटों पर जुटने वाली भीड़ से खतरा है।

1 नवंबर से शुरु हो गया फेस्टिवल सीजन

नवंबर माह में हर दिन सावधान रहना होगा क्योंकि इस माह कई त्योहार हैं जिससे बाजार के साथ सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ बढ़ेगी। एक नवंबर से त्योहार की शुरुआत हो रही है। पहले दिन दिन एक नवंबर को रमा एकादशी है। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को रंभा या रमा एकादशी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और तुलसी जी की पूजा की जाती है। 2 नवंबर को प्रदोष व्रत के साथ धनतेरस का त्योहार है। इस दिन घर में कोई नई वस्तु खरीदने का चलन है। इस कारण से बाजार में काफी भीड़ होगी, थाेड़ी सी लापरवाही भारी पड़ेगी।

धनतेरस को रहें सावधान

धनतेरस पर बाजार में निकलने के दौरान मास्क और सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखें क्योंकि भीड़ में संक्रमण का खतरा अधिक है। 3 नवंबर को नरक चतुर्दशी के साथ मासिक शिवरात्रि है और 4 नवंबर को दीपावली है। 5 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 6 नवंबर को भाईदूज है। धनतेरस दीपावली से लेकर भाई तक काफी भीड़ होती है। बाजार में सामानों की खरीदारी के लिए लोग टूट पड़ते हैं। ऐसे में सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हुए तो खतरा बढ़ सकता है। बाजार में सोशल डिस्टेंस को लेकर निर्देश है लेकिन दुकानों पर इसका पूरी तरह से पालन नहीं हो पाता है।

छठ पर्व में विशेष सावधानी बरतें

8 नवंबर से खरना के साथ छठ महापर्व का शुभारंभ हो जाएगा। 10 नवंबर को छठ पूजा का अर्घ्य होगा और 11 नवंबर को सुबह का अर्घ्य है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से लोगों को सावधान रहने की ज़रूरत है। घाटों पर या बाजार में कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करना होगा। 14 नवंबर को देवुत्थान एकादशी, देवउठनी एकादशी है। वहीं 16 नवंबर को भौम प्रदोष, चातुर्मास समाप्त की तिथि है। 19 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान के दौरान भी सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी रखनी होगी। 20 नवंबर को गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस सिखों के लिए बड़ा दिन है और 23 नवंबर को संकष्टी चतुर्थी है जबकि 30 नवंबर को उत्पन्न एकादशी पड़ेगी।

सुरक्षा के 5 मंत्र पर करें काम

अगर घर से बाहर निकलते समय कोरोना के प्रोटोकाॅल का पालन किया जाए तो संक्रमण का खतरा काफी हद तक रोका जा सकता है। इसमें सोशल डिस्टेंस का पालन करते रहें और मास्क का प्रयोग करते रहें तो राहत होगी। हाथों की साफ सफाई के साथ भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचा जाए। बड़े बीमार और बुजुर्ग लोगों को लेकर गंभीर रहें। बिना काम के बाहर निकलने से परहेज करें, भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जाएं तो कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।

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