उत्तर बिहार से झारखंड के शहरों में बस से जाना और सुगम होगा। साथ ही निजी ऑपरेटरों के अपेक्षा भाड़ा भी कम लगेगा। उत्तर बिहार के आठ जिलों से झारखंड के लिए समझौते के तहत बसों का परिचालन होना है। सूबे के करीब 200 रूट झारखंड से बस मार्ग से जुड़ेगी। उत्तर बिहार के सात जिले भी इसमें शामिल हैं। मुजफ्फरपुर के अलावा मोतिहारी, रक्सौल, बेतिया, सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी से झारखंड के लिए परिचालन शुरू होगा। 19 अक्टूबर को पटना में होने वाली राज्य परिवहन प्राधिकार की बैठक में इस पर मुहर लगेगी
परिवहर विभाग के राज्य परिवहन आयुक्त के कार्यालय के उप परिवहन आयुक्त ने पत्र जारी किया है। बताया जाता है कि मुजफ्फरपुर से रांची, टाटा, धनबाद और बोकारो के लिए बसें चलेंगी। हालांकि, इन रूटों पर पहले से दो दर्जन से अधिक निजी बसों का परिचालन भी हो रहा है। लेकिन, इन बसें का किराया निजी ऑपरेटरों से 10-25 फीसदी कम होगा। बसों के लिए समय-सारणी भी बैठक के बाद तय की जाएगी। एक रूट पर कितनी बसों का परिचालन एक जिले से होगा, यह भी बैठक के बाद तय हो सकेगा।


बेतिया-मोतिहारी से भी खुलेंगी बसें
मुजफ्फरपुर के अलावा चंपारण के मोतिहारी से दो और बेतिया से एक रूट पर बसें चलेंगी, जो टाटा के लिए मुजफ्फरपुर होकर चलेगी। वहीं सीतामढ़ी से टाटा और बोकारो, दरभंगा से रांची, बोकारो और टाटा के लिए बसों का परिचालन होगा। समस्तीपुर से टाटा और मधुबनी से टाटा और बोकारो के लिए बस सेवा शुरू होगी। इनमें से अधिकतर बसें मुजफ्फपुर, हाजीपुर, पटना आदि होकर रांची, बोकारो, टाटा और धनबाद के लिए चलेंगी।

मुजफ्फरपुर से एक मात्र ट्रेन जाती है रांची
उत्तर बिहार के लोगों के लिए झारखंड के लिए बस सेवा शुरू होने से समय की भी बचत होगी। वर्तमान में निजी बसों के अलावा एक मात्र ट्रेन है, जो मुजफ्फरपुर जंक्शन से हटिया (रांची) के लिए चलती है। यह ट्रेन गोरखपुर से बनती है, जिससे उत्तर बिहार के लोगों के लिए सीमित सीट उपलब्ध होती है। लंबी वेटिंग लिस्ट होती है। बसों के परिचालन से यात्रियों को फायदा हो सकेगा।

भाड़ा
रूट एसी स्लीपर
मुजफ्फरपुर-रांची 650 750
मुजफ्फरपुर-बोकारो 700 800
मुजफ्फरपुर-टाटा 725 825



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