श्रीनगर के DM की पहल से बांका के अरविंद साह को गांव की मिट्टी नसीब हो जाएगी। आतंकी हमले में मारे गए अरविंद के बूढ़े मां-बाप की आखिरी इच्छा थी कि बेटे का अंतिम संस्कार गांव में किया जाए।
श्रीनगर के डीएम ने एक लाख रुपए की सहायता राशि अरविंद के मां-बाप के नाम देकर शव को बिहार भिजवाया है। शव को श्रीनगर से दिल्ली और फिर दिल्ली से रविवार की शाम 7 बजे पटना एयरपोर्ट लाया जाएगा। पटना एयरपोर्ट से एम्बुलेंस से शव बांका पहुंचाया जाएगा। बांका के डीएम ने शव को पटना से बांका लाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की है।

मृतक अरविंद के पिता देवेंद्र साह और माता सुनैना देवी।
DM ने दी एक लाख की सहायता राशि
श्रीनगर के DM ने अरविंद के मां-बाप के नाम से 50 हजार रुपए का चेक और 50 हजार रुपए नकद दिए हैं। चेक मां सुनैना देवी और पिता देवेंद्र साह के नाम से जारी किया गया है। इसी पैसे से टिकट की व्यवस्था कर अरविंद साह के शव को बांका तक लाया जाएगा। श्रीनगर में अरविंद के साथ उसका सगा भाई मंटू साह और चचेरा भाई मिथिलेश भी रहते थे। दोनों भाई शव लेकर श्रीनगर से दिन में 12 बजे एयरपोर्ट पहुंच गए हैं।
7 बजे शाम को पटना पहुंचेगा शव
परिवार वालों के मुताबिक अरविंद का शव लेकर उसके बड़े भाई मंटू और चचेरा भाई मिथिलेश दिन में 12 बजे श्रीनगर एयरपोर्ट पहुंच गए हैं। दोनों ने घर वालों को फोन पर हुई बात में बताया है कि श्रीनगर से 2 बजे फ्लाइट से वह दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं और साढ़े 3 बजे दिल्ली पहुंचने के बाद फिर पटना के लिए फ्लाइट पकड़ेंगे। दिल्ली से पटना की फ्लाइट साढ़े 5 बजे है। अनुमान है कि अरविंद का शव शनिवार शाम को 7 बजे पटना पहुंच जाएगा। घर वालों का कहना है कि अरविंद का शव लेकर आ रहे मंटू और मिथिलेश से दिन में ही बात हुई थी। उसके बाद वह फ्लाइट में हैं जिससे बात नहीं हो पाई है।


बांका डीएम के आदेश पर भेजी एम्बुलेंस
बांका डीएम ने शव को पटना एयरपोर्ट से अरविंद के गांव बाराहाट के परघड़ी लखपुरा लाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की है। डीएम के आदेश के बाद बाराहाट थाना की पुलिस रविवार की सुबह ही अरविंद के घर पहुंच गई। अरविंद के बड़े भाई बबलू के साले जितेंद्र को साथ बांका ले गई। बांका से जितेंद्र को एक एम्बुलेंस दिया गया और उसी एम्बुलेंस से ही शव को बांका लाया जाएगा। एम्बुलेंस के साथ ही पुलिस कर्मियों को भी पटना एयरपोर्ट भेजा गया है। घर वालों का कहना है कि शव रात में गांव पहुंच जाएगा। इसके बाद सुबह अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। घर वालों का कहना है कि वह शव का इंतजार कर रहे हैं।

गांव में सन्नाटा, हर घर में मातम
अरविंद की मौत की सूचना के बाद से ही गांव में सन्नाटा पसरा है। अरविद के घर बूढ़े मां-बाप के साथ अन्य सदस्यों का भी रो रोकर बुरा हाल है। घर वालों का कहना है कि आतंकियों ने बहुत बड़ा सहारा छीन लिया है। गांव वाले भी इस घटना से काफी दुखी हैं क्योंकि अरविंद ने गांव के कई लोगों को श्रीनगर ले जाकर काम पर लगाया था। पूरा गांव इस घटना के बाद से सन्नाटे में है।

10 साल से था कश्मीर में
श्रीनगर में शनिवार को आतंकी हमले में बांका जिले के बाराहाट निवासी अरविंद कुमार साव की मौत हुई थी। वह 10 साल से कश्मीर में गोलगप्पा की दुकान लगाता था। कश्मीर के हालात खराब थे तब भी वह वहीं रहा। जब हालात सामान्य हुए तो उसकी जान चली गई।



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