
दोनों के पास से चार किलोग्राम के करीब सोना ब’रामद हुआ।पेट्रोपोल सीमा से पारा कराया गया सोना.डीआरआई को त’स्करों से पूछताछ में कई अहम जानकारी मिली है। भारत-बांग्लादेश के पेट्रोपोल सीमा पर तस्करों को सोना सौंपा गया था। वहां से दोनों हावड़ा स्टेशन पहुंचे और दून एक्सप्रेस से जौनपुर के लिए चल पड़े। इससे पहले भी दोनों कई दफे सोने की त”स्करी कर चुके हैं। हर खेप के लिए इन्हें 65-65 हजार रुपए मिलते थे। डीआरआई ने इस रैकेट में शामिल अन्य ब’दमाशों को पर का’र्रवाई के मद्देनजर गि’रफ्तार त’स्करों के नाम का खुलसा नहीं किया है।सोना त’स्करी का यह अंतरराष्ट्रीय रैकेट काफी बड़ा है।

त’हकीकात में जो बातें सामने आई है वह चौंकाने वाली है। 1.68 करोड़ मूल्य के सोने के लिए 50 लाख रुपए नगद दिए गए। वहीं बाकी के रकम का भुगतान ह’वाला के माध्यम से किया गया। इस रैकेट में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के त’स्कर शामिल हैं।आयात पर 20 प्रतिशत लगता है ड्यूटी. सोने के आयत पर भारत में मोटी ड्यूटी लगती है। जानकारी के मुताबिक सोने के आयात पर 20 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी देना होता है। कस्टम ड्यूटी बचाने के अलावा इसमें काली कमाई आसानी से खप जाती है।



Leave a Reply