राजधानी में सोमवार शाम से दुर्गा पंडालों में पूजा शुरू हो जाएगी। सप्तमी से पंडाल में श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए प्रवेश मिलेगा। कई स्थानों पर केवल पूजा समिति के सदस्य ही शामिल हो सकेंगे। प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग और हाथों को सैनेटाइज करने की व्यवस्था होगी। पूजा के लिए कहीं कलश स्थापना तो कहीं मूर्ति स्थापित की जाएगी
पहले की तुलना में छोटा पंडाल :
इस वर्ष करोना से पूर्व बनने वाले पंडालों से आकार को छोटा रखा जा रहा है। दिल्ली में वर्ष 1910 से पूजा का आयोजन करने वाले दिल्ली दुर्गा पूजा चैरिटेबल एंड कल्चरल कमेटी के वरिष्ठ आयोजक अरुण घोषाल ने बताया कि सोमवार शाम से पंडाल में दुर्गा पूजा की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मूर्ति की जगह मां के स्वरूप की तस्वीर लगाएंगे। पंडाल पहले की तुलना में छोटा सजाया गया है। कमेटी के सीमित सदस्य ही पूजा में शामिल हो सकेंगे। बाहरी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी।

अष्टमी को होगी संधि पूजा : वहीं, मिंटो रोड दुर्गा पूजा समिति के कोषाध्यक्ष तपन भट्टाचार्य ने बताया कि मंगलवार को सप्तमी की पूजा होगी। अष्टमी वाले दिन संधि पूजा और फिर दशमी के दिन मां को विदा किया जाएगा। आखिरी दिन सिंदूर खेला होगा। श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन कर सकेंगे।
सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखना होगा: बीडनपुरा दुर्गा पूजा समिति के चेयरमैन विभाष चंद्र मैती ने बताया कि सप्तमी से श्रद्धालु सामाजिक दूरी के साथ पंडाल में दर्शन कर सकेंगे। लेकिन उनकी संख्या भी सीमित रखी जाएगी। सोमवार शाम को मूर्ति स्थापित कर पूजा का शुभारंभ हो जाएगा। मां की मूर्ति का आकार छोटा रखा जाएगा।

अष्टमी को विशेष पूजा होगी
मंदिर मार्ग स्थित नई दिल्ली कालीबाड़ी मंदिर में सोमवार से दुर्गा पूजा शुरू होगी। पश्चिम बंगाल की तर्ज पर पारंपरिक तरीके से पूजा की जाएगी। वहीं, चितरंजन पार्क बी ब्लॉक दुर्गा पूजा समिति के कार्यकारी सदस्य तमल रक्षित ने बताया कि अष्टमी को विशेष पूजा की जाएगी। वहीं, चितरंजन पार्क में स्थित काली मंदिर में षष्ठी से पूजा होगी। पंडाल भी लगाया गया है।




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