बिहार की सबसे बड़ी दवा की मंडी पटना के GM रोड में बड़ी जालसाजी हो रही है। 48 घंटे में दो बार हुई औषधि विभाग की छापेमारी में बड़ा खुलासा हुआ है। जो दवाएं सीधे हॉस्पिटल को सप्लाई की जाती हैं वह स्टॉकिस्ट बेच रहे हैं। दो दिनों की छापेमारी में हुए इस खुलासे के बाद अब मंडी के कई दुकानदार रडार पर हैं। औषधि विभाग की टीम अन्य कई दुकानों में छापेमारी की योजना बना रही है। पहले दिन दो दुकानों पर छापेमारी में 12 से अधिक दवाओं का नमूना जांच के लिए भेजा गया था और दूसरे दिन भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
24 ऐसी दवाएं जिसका नहीं मिला बिल
राज्य औषधि नियंत्रण की टीम की छापेमारी में जीएम रोड के महिमा पैलेस बिल्डिंग में चल रही थोक दवा की फर्म श्रीकृष्णा इंटरप्राइजेज में छापेमारी के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। यहां से 24 प्रकार की ऐसी दवाएं मिली, जिसका बिल नहीं मिला। इन सभी दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। वहीं, पांच संदिग्ध दवाओं का सैंपल भी लिया गया, जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा। इसमें डायबिटिज, एंटीबायटिक और हाइपर टेंशन की दवाएं शामिल हैं।


कहां से आई हॉस्पिटल को सप्लाई होने वाली दवाएं
छापेमारी में ऐसी दवा भी मिली है जो हॉस्पिटल में सप्लाई होती है। इस दवा को टीम ने जब्त कर लिया। बड़ा सवाल यह है कि यह दवाएं कहां से आई हैं। स्टाकिस्ट कहां से लाए हैं। छापेमारी के दौरान लगभग 10 हजार रुपए की दवा जब्त की गई। सहायक औषधि नियंत्रक विश्वजीत दास गुप्ता ने बताया कि छापेमारी शुरू होते ही सभी दवा दुकान वाले अलर्ट हो गए हैं। लेकिन, अभी छापेमारी जारी रहेगी और अवैध तरीके से दवा भंडारण और बिक्री करने वालों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।




Leave a Reply