लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक रामविलास पासवान की पहली पुण्यतिथि पर शुक्रवार को चाचा-भतीजे ने अलग-अलग कार्यक्रम का आयोजन किया। चाचा पशुपति पारस गुट ने पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में, तो भतीजे चिराग पासवान ने दिल्ली स्थित 12, जनपथ सरकारी आवास में श्रद्धांजलि कार्यक्रम किया। चाचा-भतीजा में पुण्यतिथि समारोह को लेकर शक्ति प्रदर्शन करने की होड़ मची है। अपने स्तर पर दोनों ने बड़े नेताओं को आमंत्रित किया था।
चिराग की दिल्ली में आयोजित पुण्यतिथि समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहुंचे और दिवंगत पासवान को श्रद्धांजलि दी। वहीं, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, RJD सुप्रीमो लालू यादव, उनकी पत्नी पूर्व CM राबड़ी देवी सहित कई नेता भी शामिल हुए। सभी ने पासवान के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
राहुल गांधी ने ट्वीट किया- ्श्री रामविलास पासवान जी की प्रथम पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि। इस अवसर पर लालू प्रसाद यादव जी से भी भेंट हुई। उन्हें स्वस्थ देखकर अच्छा लगा। लालू ने ट्वीट किया- संघर्ष के साथी पूर्व केंद्रीय मंत्री और दबे कुचलों की आवाज आदरणीय स्व. रामविलास पासवान जी की प्रथम पुण्यतिथि पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की।


12 जनपथ सरकारी आवास पर दिवंगत पासवान को श्रद्धांजलि देते राहुल गांधी।
पटना में बरसी का किया था आयोजन
12 सितंबर को हिंदू कैलेंडर के हिसाब से दिवंगत केंद्रीय मंत्री की पहली बरसी पर पटना में धार्मिक अनुष्ठान हुए थे। उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा-कांग्रेस समेत दूसरे दलों के बड़े नेताओं के साथ-साथ रामविलास पासवान के साथ मित्रवत संबंध रखने वाले राष्ट्रीय स्तर के हर बड़े नेता को आमंत्रित किया गया था। मगर, कार्यक्रम पटना में होने की वजह से दिल्ली में रहने वाले नेता बिहार नहीं आ पाए थे। प्रधानमंत्री ने भी उस वक्त चिराग पासवान से फोन पर बात की थी और रामविलास पासवान को याद करते हुए एक लेटर भी लिखा था।


लालू यादव ने भी दिवंगत केंद्रीय मंत्री को दी श्रद्धांजलि।
बरसी के कार्यक्रम के दौरान ही चिराग ने कहा था कि पिता की याद में अगला कार्यक्रम दिल्ली में होगा। आज के कार्यक्रम में चिराग ने राष्ट्रीय स्तर के बड़े नेताओं को आमंत्रित किया है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व लोकसभा स्पीकर समेत केंद्रीय मंत्रियों के अलावा भारतीय जनता पार्टी व कांग्रेस समेत अन्य दलों के बड़े नेताओं के साथ-साथ रामविलास पासवान के साथ मित्रवत संबंध रखने वाले हर बड़े नेता को आमंत्रित किया गया है।




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