दशहरा में श्रद्धालु इस बार पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा का दर्शन तो कर सकेंगे लेकिन मेला का लुत्फ नहीं उठा सकेंगे। पूजा समितियों को डीजे बजाने पर रोक लगा दी गई है। रावण वध कार्यक्रम का आयोजन भी पटना जिले में नहीं होगा।
जिला प्रशासन ने कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए यह निर्णय लिया है। डीएम ने लोगों से भी शांतिपूर्ण तरीके से दशहरा मनाने की अपील की है। सोमवार को डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में वरीय अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें दशहरा पूजा से संबंधित सभी बिंदुओं पर विचार किया गया। ज्यादातर अधिकारियों का सुझाव था कि कोरोना वायरस का खतरा अभी टला नहीं है। इसलिए दशहरा पर मेले के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाए, क्योंकि मेले में भीड़ हो जाती है। ऐसी स्थिति में संक्रमण बढ़ सकता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी नहीं होंगे
दशहरा पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी नहीं होंगे। अश्लील गाने बजाने पर भी प्रशासन ने रोक लगा दी गई है। ध्वनि प्रदूषण को देखते हुए पूजा पंडालों में डीजे नहीं बजाने को कहा गया है। पंडालों में लाउडस्पीकर तो बजेंगे लेकिन अधिक डेसीबल वाले नहीं होंगे। इसके लिए पूजा समितियों को अनुमति लेनी होगी।

रावण वध कालिदास रंगालय में छोटे पैमाने पर
दशहरा पर रावण वध एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम होता है। अधिकारियों का सुझाव था कि इस बार रावणवध कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाए क्योंकि इसमें भी अधिक भीड़ होती है। कालिदास रंगालय में रावण वध कार्यक्रम छोटे पैमाने पर होगा, जिसकी लाइव वेबकास्टिंग होगी। इसके अलावा जिले में कहीं भी रावण वध कार्यक्रम नहीं होगा। प्रशासन ने आतिशबाजी पर रोक लगा दी है।

10 अक्टूबर से पहले दिया जाएगा लाइसेंस
दशहरा के दौरान नदियों में नाव के परिचालन पर भी रोक रहेगी। डीएम ने बैठक में लिए गए निर्णय का अनुपालन पूजा समिति के पदाधिकारियों को करने को कहा है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कोरोना संक्रमण को लेकर जो एहतियात बरतना चाहिए उसका सख्ती से अनुपालन कराएं। 10 अक्टूबर के पहले सभी पूजा समितियों के पंडालों का सत्यापन कर लाइसेंस निर्गत करने का निर्देश दिया गया है।

सभी पंडालों में होंगे सीसीटीवी
प्रशासन ने पूजा समितियों से कहा है कि सुरक्षा की दृष्टि से पूजा पंडालों में सीसीटीवी जरूर लगाएं ताकि लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। वैसे जिला नियंत्रण कक्ष ने शहर की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। पंडालों में कोविड-19 से संबंधित मानक का पोस्टर एवं साइनेज भी लगाने को कहा गया है ताकि लोगों को इसके बारे में जानकारी और ध्यान रहे। इसमें मास्क लगाना जरूरी है। हाथ को समय-समय पर सेनेटाइज करें तथा दो गज की दूरी का ख्याल रखें, जैसी बातों को पूजा पंडालों में लिखना होगा।

कृत्रिम तालाब में मूर्ति विसर्जन
जिला प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशानुसार नदियों में मूर्ति के विसर्जन पर रोक लगा दी है। इसके लिए जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मूर्ति विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब बना दें ताकि पूजा समिति के लोग सुविधाजनक तरीके से विसर्जन कर सकें।




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