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एक नवंबर से शुरू होगी धान खरीद, किसानों को उससे पहले जमीन का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड करना होगा

एक नवम्बर से धान की खरीद शुरू होनी है। इसको देखते हुए सहकारिता विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। धान बेचने के इच्छुक किसानों को निबंधन कराने के लिए जानकारी दी जा रही है। निबंधन के समय ही किसानों को जमीन का पूरा ब्योरा पोर्टल पर अपलोड करना होगा।

पिछले साल 60 हजार टन धान खरीद का लक्ष्य जिले को मिला है। इस बार लक्ष्य तो अभी तक नहीं मिला है। पैक्स और व्यापार मंडल द्वारा 50 हजार 828 टन धान की खरीद 9945 किसानों से किया गया था। माना जा रहा है कि पिछले साल से इस बार अधिक लक्ष्य मिलेगा। इस बार साधारण धान सा न्यूनतम समर्थन मूल्य 1940 रुपये और ए ग्रेड धान का 1960 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। सहकारिता विभाग ने धान खरीद की तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया है।

जिला सहकारिता पदाधिकारी ने सभी प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी (धान अधिप्राप्त) को पत्र भेजकर कहा है कि धान की खरीद एक नवम्बर से 31 जनवरी तक होनी है। कहा गया है कि कृषि विभाग में पंजीकृत किसानों को भूमि से संबंधित अभिलेखों को कृषि विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना है। प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को एक नवम्बर के पहले अपलोड करने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा गया है। 

जिला सहकारिता पदाधिकारी एम जेड अंसारी ने बताया कि सभी पैक्स और व्यापार मंडल को ऑडिट कराने का निर्देश पूर्व में दिया जा चुका है। बिना ऑडिट धान खरीद करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। समितियों को धान खरीद शुरू करने के पहले भंडारण, नमी मापक यंत्र,माप-तौल यंत्र का नवीकरण आदि की व्यवस्था एक नम्बर से पहले करनी होगी। 25 अक्टूबर के पहले जिला टास्क फोर्स की बैठक कर समितियों का चयन कर लिया जाएगा।

जल्द ही पैक्स और व्यापार मंडलों से धान खरीद करने से संबंधित प्रस्तव मांगा जाएगा। 31 अक्टूबर तक सभी पैक्स और व्यापार मंडलों को कैश क्रेडिट उपलब्ध कराया जाएगा। चावल मिलों के चयन की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। चयन करने के बाद चावल मिलों को पैक्सों से संबद्ध किया जाएगा। प्रखंड स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गयी है। इस बार जिले में  52 हजार हेक्टेयर में खेती हुई है। कृषि विभाग ने इस बार 47.92 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन का लक्ष्य रखा है। हालांकि बाढ़ के चलते कई प्रखंडों में फसलों को नुकसान भी हुआ है। 

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