कोरोना संक्रमण की वजह से बंद वाल्मीकि नगर की इंडो-नेपाल बॉर्डर को रविवार दोपहर 1:30 बजे खोल दिया गया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा से बैरियर हटाने की कार्रवाई शुरू की गई, बॉर्डर खुलने के साथ ही लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है। शनिवार के दिन गंडक बराज के एक नंबर फाटक पर तैनात अधिकारियों की लंबी बैठक के बाद यह फैसला लिया गया था।
कोरोना के बढ़ते केस के साथ ही भारत-नेपाल का बॉर्डर पूरी तरह से सील कर दिया गया था। बॉर्डर के आस-पास के नागरिकों के बीच रोटी-बेटी का संबंध है। बंद पड़ा बॉर्डर सीमावर्ती नागरिकों के लिए काफी परेशानी का कारण था। ऐसे में बॉर्डर खुलने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई।

फिलहाल सिर्फ पैदल आना-जाना होगा। गाड़ी लाने-ले जाने की अनुमति नहीं मिली है।
गाड़ी लाने-ले जाने की नहीं है अनुमति
एसएसबी ने बॉर्डर खुलने की अनुमति दे दी है, लेकिन फिलहाल सिर्फ पैदल आना-जाना होगा। गाड़ी लाने-ले जाने की अनुमति नहीं मिली है। अगर नेपाल की यात्रा करनी है तो बॉर्डर पर बने पुल से पैदल यात्रा करना पड़ेगा। नेपाल में वहां के स्थानीय वाहनों को किराए पर लेना होगा।

माननी होंगी नेपाल सरकार की शर्तें
हालांकि नेपाल यात्रा करने के लिए भारतीय लोगों को कुछ शर्तों को मानना पड़ेगा। नेपाल सरकार के कोविड नियमों का सख्ती से पालन करना जरूरी है। जो लोग नियम का पालन नहीं करेंगे, उन्हें नेपाल में घुसने की अनुमति नहीं मिलेगी। बॉर्डर पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आने से पहले ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। इसके बाद ही भारतीय नागरिक को सीमा पर नेपाल में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। नेपाल के होटलों में भी सरकार के कई आदेशों का पालन करना होगा।




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