
राज्य की प्रगति व खुशहाली के लिए कृषि आधारित विकास को बढ़ावा देना होगा। साथ ही, जनसंख्या नियंत्रण के लिए बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। वहां की मुखिया बबीता देवी के घर पर बने बैठका पर मौजूद लोगों के साथ जल-जीवन-हरियाली अभियान की चर्चा के दौरान अपनी बात रख रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान को मिशन के रूप में हमलोगों ने लिया है। इसके क्रियान्वयन को लेकर सभी को भागीदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि जनसंख्या की बढ़ती दर को नियंत्रित करके हमलोग पर्यावरण संकट को भी कम कर सकेंगे। पर्यावरण प्रदूषण का कुप्रभाव कृषि पर भी पड़ा है। राज्य के अधिकतर जिलों में भू-जल स्तर काफी नीचे चला गया है। यह भयावह स्थिति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 76 फीसदी आ’बादी कृषि पर नि’र्भर है। ऐसे में हमें कृषि आधारित व्यवसायों पर ध्यान देने की जरूरत है।

तभी राज्य का विकास तेजी से होगा। राज्य के किसानों को समुचित आधुनिक सुविधा प्रदान करने को लेकर राज्य सरकार कई कारगर कदम उठा रही है। सरकार कृषि आधारित संयंत्रों पर भारी अनुदान दी जा रही है। इसका लाभ हर किसान को मिले, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। किसानों को भी इसके लिए जागरूक होना होगा। मुख्यमंत्री ने मेंथा, सोयाबीन, मशरूम आदि की खेती को किसानों के लिए फायदेमंद बताया। मुख्यमंत्री ने यात्रा के दौरान क्षेत्र में मत्स्यपालन पर भी चर्चा की और इसके विकास को लेकर आवश्यक कदम उठाये जाने पर बल दिया। साथ ही पंचायत भवन के समीप पंचायत सरकार भवन निर्माण की घोषणा की और तत्काल जिलाधिकारी को इसकी प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।



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