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पूजा कमेटी के सदस्यों को देना होगा वैक्सीनेशन का प्रमाण, जानिए इस बार पूजा को लेकर कैसे होगी सख्ती…

देश के कई राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर बिहार सरकार ने पूजा को लेकर गाइडलाइन जारी की है। दुर्गा पूजा और दशहरा के साथ रावण बध व मेला को लेकर सुरक्षा की कड़ी गाइडलाइन जारी की गई है। अब दुर्गा पूजा पंडाल और मेला की अनुमति उसी को दी जाएगी जिसकी टीम के सभी सदस्य वैक्सीनेट होंगे। मेला में प्रवेश भी उन्ही लोंगों का होगा जो कोरोना का टीका लगवाएं होंगे। इसे लेकर कड़ाई करने का आदेश दिया गया है।

त्योहार में बाहर से आने वालों से खतरा

आने वाले त्योहारों में राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों की बड़ी संख्या को लेकर कोरोना का खतरा है। ऐसे में कोरोना के संभावित प्रसार को रोकने के लिए भीड़ भीड़ प्रबंधन और जुलूस को लेकर सख्ती रहेगी। कोरोना से बचाव को लेकर गाइडलाइन जारी की गई है, इमें मनमानी करने वालों पर कार्रवाई का आदेश है। त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार का मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रावण वध, जुलूस कार्यक्रमों का आयोजन बिना पूर्वानुमति के नहीं किया जाएगा।

पूजा को लेकर जारी हुई गाइडलाइन

दुर्गा पूजा के अवसर पर लगाए जाने वाले पूजा पंडालों, जुलूस, रावण वध, मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रम को स्वीकृति देने से पहले जांच कराई जाएगी। इसके लिए अनुमण्डल पदाधिकारियों, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस उपाधीक्षक, थानाध्यक्ष को विशेष सावधानी का निर्देश दिया गया है। इसके तहत संबंधित पंडाल, मेला प्रबंधक तथा कार्यकर्ताओं द्वारा कोविड टीके की कम से कम पहली डोज लगी हो तभी अनुमति दी जाएगी। पूजा पंडाल या मेला लगाने के लिए स्वीकृत किए जाने वाले स्थल की घेराबंदी होगी और उसमें प्रवेश करने वालों का टीकाकरण संबंधित प्रमाण देखा जाएगा। प्रमाण पत्र के जांच की व्यवस्था होगी। पण्डाल पर आयोजक भीड़ नहीं लगाएंगे।

पूजा पंडाल में मास्क जरुरी

पूजा पंडाल में आने वालों को हर हाल में मास्क पहनना होगा। पूजा पंडालों में आयोजकों द्वारा पर्याप्त मात्रा में सेनेटाइजर की व्यवस्था करनी होगी। पंडाल में डी जे बजाने की अनुमति नहीं रहेगी। जुलूस में डी जे का बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। विसर्जन के दौरान कम से कम लोगों की उपस्थिति रहेगी। कम से कम लोग ही निर्धारित विसर्जन स्थल तक जा सकेंगे। संख्या का निर्धारण अनुमति पत्र में स्पष्टठ होगा। पंडाल से यथासंभव वाहन के द्वारा ही विसर्जन स्थल तक जाना उचित होगा। पंचायत आम निर्वाचन के आलोक में पंचायत क्षेत्रों में आयोग द्वारा निर्धारित आदर्श आचार संहिता का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा ।

मनमानी पर आपदा के तहत होगी कार्रवाई

बिना अनुमति मेला लगाने या पंडाल सजाने वालों या फिर भीड़ लगाने वालों पर आपदा के तहत कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन, मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को महत्वपूर्ण पूजा पंडालों, मेलों के स्थल पर कोविड टेस्टिंग और टीकाकरण के लिए विशेष कैम्प की व्यवस्था की जाएगी। सिविल सर्जन द्वारा इस अवधि में कोविड संक्रमण की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा कोविड जांच की संख्या में निर्धारित मानको के अनुरूप वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही पूर्व के आदेश के आलोक में वैसों राज्यों, जहां कोरोना संक्रमण के ज्यादा मामले आ रहे है अथवा डेल्टा प्लस वैरिएण्ट के मामले सामने आ रहे हैं , से वायुयान , रेल , ट्रकों एवं अन्य वाहनों के माध्यम से राज्य में प्रवेश करने वाले यात्रियों की अनिवार्य रूप से राज्य की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों एवं हवाई अड्डों पर रैपिड एन्टीजेन टेस्ट के माध्यम से जांच कराई जाएगी। इस जांच में ऐसे लोगाें को छूट दी जाएगी जो 72 घंटों का RT PCR निगेटिव जांच रिपोर्ट लेकर आएंगे।

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