जातीय जनगणना को लेकर देश की राजनीति में लगातार घटनाक्रम बदल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार द्वारा एक बार फिर जातीय जनगणना नहीं कराने की बात कह कर विपक्षी पार्टियों में उबाल है। केंद्र की BJP सरकार के इंकार के बाद सभी क्षेत्रीय दल गोलबंद होने लगे हैं। इसी बीच झारखंड के CM हेमंत सोरेन का दिल्ली में RJD सुप्रीमों लालू यादव से मिलना आगे की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
हालांकि हेमंत सोरेन ने ट्वीटर पर इसे महज एक औपचारिक मुलाकात ही करार दिया है। लेकिन, एक CM और दूसरी एक बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मुलाकात बिना किसी राजनीतिक उद्देश्य के हो ही नहीं सकती। वो भी उस समय, जब पूरे देश में जातीय जनगणना को लेकर गोलबंदी शुरू हो गई है।


हेमंत सोरेन ने लालू यादव से मुलाकात के बाद अपने ट्वीटर अकांउट पर लिखा है कि ‘कल रात दिल्ली में राजद सुप्रीमो और मेरे अभिभावक स्वरूप आदरणीय श्री @laluprasadrjd जी से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम पूछा। परमात्मा आपको उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करे यही कामना करता हूं।’ बताया जा रहा है कि पिछले दिनों तेजस्वी यादव रांची दौरे पर थे तो जातीय जनगणना को लेकर उन्होंने खास तौर पर हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी। इसी को लेकर रविवार को हेमंत सोरेन 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री के साथ मिलने वाले हैं।

जातीय जनगणना को लेकर दो दिन पहले RJD सुप्रीमों ने अपने ट्वीटर पर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने लिखा था कि ‘BJP-RSS पिछड़ा/अतिपिछड़ा वर्ग के साथ बहुत बड़ा छल कर रहा है। अगर केंद्र सरकार जनगणना फॉर्म में एक अतिरिक्त कॉलम जोड़कर देश की कुल आबादी के 60 फीसदी से अधिक लोगों की जातीय गणना नहीं कर सकती तो ऐसी सरकार और इन वर्गों के चुने गए सांसदों व मंत्रियों पर धिक्कार है। ऐसे लोगों का सामूहिक सामाजिक बहिष्कार हो।’ इसी को लेकर 23 अगस्त को CM नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव सहित कई पार्टियों के प्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिले थे और जाति-जनगणना कराने की मांग की थी।




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