तीन साल पूर्व यानी 23 सितंबर 2018 की शाम मुजफ्फरपुर के चंदवारा आज़ाद रोड में AK-47 गरजी थी। अपराधियों ने कार सवार पूर्व मेयर समीर कुमार और उनके चालक को मौ’त के घाट उतार दिया था। AK-47 की गोलियों ने पूर्व मेयर का शरीर छलनी कर दिया था। इस वारदात के आज तीन साल पूरे हो रहे हैं। कई जगहों पर शहर में शोक सभा का भी आयोजन किया गया है। लेकिन, परिजन आज नाखुश हैं। पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। पूर्व मेयर के पुत्र तनुल ने कहा कि तीन साल में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। जो भी काम किया गया है वो आरोपितों को बचाने के लिए किया गया है। पुलिस की जांच हमारे तरफ से नहीं बल्कि आरोपितों की तरह से की जा रही है। पुलिस से अब उम्मीद नहीं है।
टेंडर माफिया समेत चार पर शीघ्र चार्जशीट
बता दें की घटना के बाद हत्या के बाद पुलिस ने घटनास्थल के समीप लगे CCTV को खंगाला था। इससे शूटरों की और इस वारदात में संलिप्त अ’पराधियों की पहचान हुई थी। जिसके बाद शूटर गोविंद, सुजीत, नवीन और सुशील समेत पांच को गिर’फ्तार कर जेल भेजा गया था। जबकि अन्य कई आरो’पी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके थे। अब पुलिस की तरफ से कहा जा रहा है की शेष चार आरोपी जिसमे टेंडर माफिया भी शामिल है। उनपर चार्जशीट की कवायद की जा रही है।




होटल से लौटने के दौरान मारी थी गोली
पूर्व मेयर अपनी कार से चालक रोहित के साथ अखडाघाट स्थित होटल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान चंदवारा आज़ाद रोड में बाइक सवार अपराधियों ने ओवरटेक कर कार को रोका। फिर AK-47 से ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी गयी थी। मौके पर ही पूर्व मेयर और चालक की मौत हो गयी थी।

जमीन के सौदे के विवाद में हत्या
आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पता लगा की कल्याणी मछली मंडी स्थित एक कीमती जमीन के सौदे में विवाद हुआ था। इसी को लेकर पूर्व मेयर की हत्या कर दी गयी थी। इसमे एक प्रोपर्टी डीलर और एक नेता का नाम भी आया था। लेकिन, आजतक दोनों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी।





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