मासूमों पर वायरल का अटैक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। प्राइवेट अस्पतालों के बेड फुल हो रहे हैं और सरकारी हॉस्पिटल्स में भी शिशु वार्ड में बेड मरीजों से भरे पड़े हैं। उमस भरी गर्मी के बीच बच्चों में बुखार की बढ़ती समस्या से डॉक्टर भी परेशान हैं।
प्राइवेट से लेकर सरकारी अस्पताल फुल
पटना में PMCH, IGIMS, NMCH और AIIMS में हर दिन वायरल से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। पीडियाट्रिक वार्ड और आइसीयू भर चुके हैं। प्राइवेट अस्पतालों में तो कई दिनों से बेड फुल चल रहे हैं। महावीर वात्सल्य के साथ अन्य संस्थानों में भी बच्चों की संख्या अधिक है और बेड फुल है। पटना के हर्ष क्लीनिक के डॉ सुमन का कहना है कि मरीजों की संख्या इतनी अधिक है कि अस्पतालों में जगह नहीं है। बच्चों में बुखार के जड़ पकड़ने से उन्हें एडमिट करना पड़ रहा है। कई बच्चों में तो बुखार ठीक होने में 15 दिनों से एक माह का समय लग जा रहा है।




जिले के सरकारी अस्पतालों में भीड़
पटना के मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और अनुमंडलीय अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ है। दानापुर, बिहटा, मसौढ़ी, पालीगंज, फुलवारी, नौबतपुर, बिक्रम के सरकारी अस्पतालों में भी मासूम भर्ती हो रहे हैं। एक सप्ताह में वायरल और निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसके साथ ही तेज बुखार, फ्लू के मरीज बढ़े हैं। एक सप्ताह में 250 से अधिक मरीज भर्ती हुए हैं।


बच्चों पर हर दिन बढ़ रहा कहर

बच्चों पर वायरल का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। जानकारी के मुताबिक 5 दिनों में PMCH, IGIMS, NMCH और AIIMS अस्पताल के NICU में एक साल व उससे कम उम्र के 100 से अधिक बच्चे भर्ती हुए हैं। इसमें 50 प्रतिशत निमोनिया से पीड़ित हैं। तेज बुखार और वायरल फ्लू के मरीजों की भी संख्या अधिक है।




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