
जो इन्हें नकली वीजा आदि उपलब्ध कराते हैं। जबकि आधा दर्जन से अधिक सदस्य नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में हैं। पुलिस ने इनकी तला’श कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि प’कड़े गए तीनों आरोपी महताब आलम, सफातुल्ला खान और विकास राय मूलरूप से आजमगढ़ के रहने वाले हैं और यहां नोएडा एक्सटेंशन में किराये पर रहते हैं। यह जालसाज यहां दिल्ली एनसीआर में बीते चार साल से ठगी की वार’दातों को अं’जाम दे रहे हैं।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस गैंग का मास्टर माइंड महताब है। उसने बीए तक की पढ़ाई की है। वहीं गैंग में दूसरे नंबर के जालसाज सफातुल्ला ने बीकॉम की पढ़ाई की है। यह दोनों आरोपी नौकरी के सिलसिले में करीब पांच साल पहले खाड़ी देशों में गए थे। वहां से लौटने के बाद इन लोगों ने ठगी का धंधा शुरू किया. पुलिस ने बताया कि आरोपी खाड़ी देशों में फीटर, इलेक्ट्रिशियन, राज मिस्त्री और कुक आदि की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करते थे। इसके लिए आरोपी खासतौर पर आईटीआई पास बेरोजगार युवकों की तलाश करते थे। इसके लिए स्थानीय अखबारों में अक्सर विज्ञापन भी निकलवाते रहते हैं। एसएसपी ने बताया कि आरोपी प्रत्येक आवेदक से वीजा, एयर टिकट व अन्य कार्यों के लिए 3 से 5 लाख रुपए वसूल करते थे।

पुलिस के अनुसार अपने कार्यालय में आने वाले लोगों के साथ आ’रोपी इस तरह व्यवहार करते थे कि पी’ड़ितों को उन पर थोड़ा भी संदेह नहीं होता था.आ’रोपी आवेदकों को न केवल फ’र्जी वीजा थमाते थे, बल्कि खाड़ी देशों की प्रतिष्ठित कंपनियों का फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे देते थे। आरो’पी आवेदकों को रॉयल टूर एंड ट्रैवल्स से हवाई टिक’ट बुक कराकर देते थे, लेकिन फ्लाइट से एक दिन पहले टिकट र’द्द कराकर वह पैसा भी डकार जाते थे।




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